वनांचल स्वर : औषधीय पौधा सतावर से दूध की कमी और कमजोरी को कम किया जा सकता है-
ग्राम-डभौरा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से जगदीश यादव आज हम लोगो को एक औषधीय जड़ी सतावर के बारे में बता रहे हैं, सतावर वनों में पाई जाने वाली जड़ी है, ये उन महिलाओं के लिए जिनको बच्चा जन्म लेने के बाद शरीर में दूध नही बनता या कम बनता है और किसी भी कमजोर व्यक्ति के लिए उपयोगी है, जड़ को सुखाकर पीसकर एक चम्मच प्रतिदिन दूध और मिश्री के सांथ मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से लाभ मिल सकता है, वह वृक्ष एक लता के समान कठीला होता है, यह बारिश के दिनों में निकलता हैं, झाडियों के बीच रहता है पत्तियां, तना दोनों हरी रहती है, छोटे-छोटे फल लगते हैं जो पपीता के बीज के तरह होते हैं, अक्टूबर, नवंबर महीने के बाद ये वृक्ष सूख जाता है, यह 5 या 6 फिट का लता के सामान होता है, इसमें 2 किलो तक जड़ निकलती है, जो सफेद रंग की होती है, मीठी होती है: जगदीश यादव@697448583.
Posted on: Jul 21, 2018. Tags: HEALTH HINDI JAGDISH YADAV REWA SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : खांसी, स्वास, कफ समस्या का घरेलू उपचार-
ग्राम-छाती, जिला-धमतरी (छत्तीसगढ़) से वैद्य संत प्रभुदयाल मेसपाल खांसी, स्वास, कफ का घरेलू उपचार बता रहे हैं, काली मिर्च 10 ग्राम, सोंठ 10 ग्राम, पीपली 10 ग्राम तीनो को पीसकर छानकर रख लें, और आधी चम्मच शहद के सांथ दिन में दो बार सुबह-शाम सेवन करें, इससे खांसी, कफ, स्वांस की समस्या में आराम मिल सकता है, खाने में तेल, खटाई, मिर्च, मसाला, मांस का उपयोग न करें, आधिक जानकारी के लिए इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : वैद्य संत प्रभुदयाल मेसपाल @9752013122.
Posted on: Jul 20, 2018. Tags: HEALTH PRABHUDAYAL MESPAL SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : अनार के औषधीय गुण-
अहमदाबाद (गुजरात) से डॉ. दीपक आचार्य अनार के गुणों को बार रहे हैं, हमारे देश में लगभग सभी राज्यों में अनार उगता है, कई राज्यों में इनकी खूब खेती होती है, अनार के सभी अंग औषधीय गुणों से परिपूर्ण रहते हैं, फल की अपेक्षा कच्ची कली और छिलकों में ज्यादा औषधीय गुण होते हैं, अनार का सेवन खून की कमी को दूर करने के लिए किया जाता है, इसलिए ये हृदय रोग के लिए भी उपयोगी है, अनार की ताजी कोमल कलियां (फूल) को पीस कर पानी में मिला ले और पीयें ऐसा करने से जिन महिलाओं को गर्भ धारण करने में दिक्कत आती है, उन्हें लाभ हो सकता है, 10 ग्राम अनार के पत्तों को आधा लीटर पानी में उबालें और जब एक चौथाई शेष बचे तो उस काढ़े से कुल्ला करे, तो मुंह के छालों को ठीक करने में लाभ हो सकता है, पायरिया जैसी बीमारी में भी उपयोगी है : डॉ. दीपक आचार्य@7926467407.
Posted on: Jul 20, 2018. Tags: DR DIPAK ACHARYA HEALTH SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : हड्डी टूटने पर घरेलू उपचार-
मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच. डी. गांधी आज हम लोगो को हड्डी टूटने पर घरेलू उपचार बता रहे हैं, अर्जुन की छाल जिसे कहुआ भी कहते है 3 ग्राम, चीनी 5 ग्राम, घी 6 ग्राम सभी को मिलाकर पेस्ट बनाकर सुरक्षित रख लें, यह एक खुराक की मात्रा है ऐसा दिन में दो बार कर सकते है, अर्जुन का चूरा और घी दोनो को बराबर मात्रा में मिलाकर गाढा लेप बना लें, और लगे हुए स्थान पर लगा कर ऊपर से पट्टी बाँध लें, पट्टी को 21 दिन तक बंधा रहने दे, परन्तु इसका प्रयोग से पहले X-RAY जरुर कराएं और स्थिति के अनुसार उपचार करें, मिर्च मसाला, तेल खटाई, गरिष्ठ भोजन का प्रयोग कम करें, नशा न करें: संपर्क नंबर@9111061399.
Posted on: Jul 19, 2018. Tags: HD GANDHI HEALTH SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : जामुन के औषधीय गुण
जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से जगदीश कुमार यादव एक महत्वपूर्ण औषधि के बारे में बता रहे हैं: जामुन : यह काले रंग का छोटे-छोटे फल होता है जो अक्सर गर्मियों के मौसम में पकता और फलता है यह स्वाद में मीठा होता है, इसे जिनको डायविटीज, शुगर, पेट में दर्द, भूख न लगना, पेचिस जैसे बीमारियों के मरीजों को ठीक करने के लिए उपयोग किया जाता है. इसका सेवन स्वस्थ लोग भी कर सकते हैं, इनको समय-समय पर निरंतर सेवन करने से अत्यंत लाभकारी होता है. ये फल या औषधि हमारे चारों आस-पास ही पाया जाता है जिसका अक्सर ग्रामीण इलाकों में कोई शुल्क नही लगता है: सम्पर्क@7697448583.
