स्वास्थ्य स्वर : देशी जड़ी बूटियों से उल्टी बंद करने का औषधीय उपचार-

जिला-टीकमगढ़ मध्यप्रदेश से वैद्य राघवेंद्र सिंह राय आज हम लोगो को उल्टी (बोमिट) का देशी जड़ी बूटियों का औषधि बता रहे है, अगर किसी व्यक्ति को उल्टियाँ हो रही हो तो उसके लिये बेर होता है | उस बेर की गुठली को फोड़ने से जो मीही निकलेगी उसको उलटी आने वाले व्यक्ति को खिलाकर पानी पिला देने से उलटी बंद हो जायेगी | इसके आलावा दौड़ा इलायची (बड़ी इलायची) को लोहे के तवे में रखकर जला लेवे और उसकी जो राख है उसको सेहत के साथ मिलाकर खाने से उल्टियाँ बंद हो जायेगी | संपर्क@9519520931.

Posted on: Mar 10, 2021. Tags: HEALTH DEPARTMENT RAGHVENDRA SINGH RAI TIKAMGADH MP

हमर छतवा पे कैसन अंजोर हो गइल...भोजपुरी गीत-

सेक्टर C, राजनगर, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से मारकंडे सिंह एक गीत सुना रहे हैं, जिसके बोल हैं, “हमर छतवा पे कैसन अंजोर हो गइल”|
हमर छतवा पे कैसन अंजोर हो गइल-
हम समझनी कि लागत तू बहोर हो गईल-
कबहू तू गोरिया अकेले में अवतू-
अपन नगरिया हमके देखऊ तू-
तोहर रुपवा के अखिया चकोर हो गईल-
हम हम समझनी कि लागत तू बहोर हो गईल...(AR)

Posted on: Mar 07, 2021. Tags: ANUPPUR MARKANDE SINGH MP SONG

हिटारकसा गांव और दंतकथा गाँव की कहानी...

ग्राम- हिटारकसा, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से वीर सिंह पटेल बता रही हैं कि उनके गांव का नाम हिटारकसा कैसे पड़ा। वह चार पीढ़ी पहले की एक कहानी बताते हैं। उनके गांव से एक नदी जाती है और उसके पास एक कुंड था। धान की कटाई के समय महिलाएं उधर नहा रहीं थीं। नहाने के बाद उन्होंने देखा कि उन सभी की हसिया गायब हो गया था। गोंडी में हसिया को हिटार और कुंड को कसा बोलते हैं। इन दोनों शब्दों के मिलने से ही गांव का नाम हिटारकसा पड़ा।

Posted on: Mar 07, 2021. Tags: CG KANKER STORY VEER SINGH

वनांचल स्वर: कान दांत के दर्द की औषधि...

ग्राम-हिटारकसा, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-उतर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से वीर सिंह पटेल बताते हैं कि उन्हें जंगल से औषधि मिलती है। वीर सिंह पटेल एक परंपरागत वैद्य हैं। जंगल से उन्हें कान के दर्द और दांत के दर्द की दवाई मिलती है। छीन्द के पेड़ की छाल कान दर्द के इलाज के लिए शर्तिया दवाई है। उसे कूट कर लगाने पर सूजन भी कम हो जाती है।

Posted on: Mar 06, 2021. Tags: CG KANKER VANANCHAL SWARA VEERSINGH PATEL

वनांचल स्वर: जंगल पर विपरीत असर पड़ा और पेड़ों की कटाई ज़्यादा बढ़ गई...

ग्राम-कराठी, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर, छत्तीसगढ़ से वीर सिंह बता रहे हैं कि उन्होंने पिछले 40 सालों से जंगल को बढ़ते घटते देखा है। जंगल में जो पशु-पक्षी थे वे पूरे विलुप्त हो गए हैं। 2006 में केंद्र सरकार वन अधिकार कानून लाई थी, जिसका जंगल पर विपरीत असर पड़ा और पेड़ों की कटाई ज़्यादा बढ़ गई। बढ़ती आबादी के कारण जंगल में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हुई। गांव के लोगों भी जल-जंगल को ध्यान नही दे रहे हैं। शायद वह सोच रहे हैं कि आगे चल कर पेड़ों की ज़रूरत नहीं रहेगी। आदिवासी समाज जंगल का दोहन बाकी लोगों से कम करता है। अब उनका प्रयास है की जंगल बचना चाहिए। (185685) GT

Posted on: Mar 06, 2021. Tags: CG KANKER VANANCHAL SWARA VEERSINGH

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