कोरोना कोरोना रे, कोरोना कोरोना रे...कोरोना गीत-

राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व एक कोरोना गीत सुना रहे हैं :
कोरोना कोरोना रे, कोरोना कोरोना रे-
कब तक पड़ेगा इस बोझा को ढोना-
होगा समस्या से दो चार होना-
कब से बेटी सोचे मइके को जाती-
मइके को जाती मै रंग जमाती-
भाभी के बच्चो बच्चो के मन को बहलाती-
कुछ दिन तो घी के मै दीपक जलाती...

Posted on: May 26, 2020. Tags: CG CORONA SONG RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV

शराब की दुकाने हो सकती है अव्यवस्था का कारण, ऑनलाइन शिक्षा, खरीदी वही कर सकता है, जिसके पास साधन है

जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से संतोष यादव बता रहे हैं, शराब की दुकान खुल चुकी है तो क्या इससे भीड़ नहीं बढ़ेगी, समाचार में देखने को मिलता है लोग शराब के लिये लंबी कतारों में खड़े हैं, सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं हो रहा है, ऑनलाइन खरीदी की बातें हो रही हैं, तो क्या सबके मोबाईल में इंटरनेट की सुविधा होगी, इसका उपयोग वही कर सकता है जो इसे उपयोग करना जनता हो, ऑनलाइन शिक्षा की बात कर रहे हैं क्या सभी ये व्यवस्था कर पायेंगे| गरीब व्यक्ति क्या ये सब कर पायेगा| अभी जो शराब दुकाने शुरू की गयी हैं, उससे लोग शराब पीकर अव्यवस्था फैलायेंगे, इसलिये इसे नहीं खुलना चाहिये, लॉकडाउन में रहे सुरक्षित रहे|संपक नम्बर@9098170511. (166442)

Posted on: May 05, 2020. Tags: CG CORONA MESSAGE RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER

छोटी उमर थी लम्बी डगर थी...रचना-

राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व एक रचना सुना रहे हैं:
छोटी उमर थी लम्बी डगर थी-
उसकी मंजिल तय हो न पायी-
एक मासूम बच्ची, निकली थी राह में-
अपने गाँव पहुंचने की चाह में-
अपने गंतव्य तक वह पहुंच न पायी-
रास्ते में सांसो को डोरी टूट गयी-
जिंदगी उसके हांथो से छूट गयी...

Posted on: Apr 22, 2020. Tags: CG POEM RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV

तै शादी करे बर करदे भोला...गीत-

खैरागढ़, जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से जया मुंडे एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
तै शादी करे बर करदे भोला-
का गहना तै लाबे भोला-
तै मोला बता दे न-
तोर देश मा बांस लकड़ी-
देख कछुना की ओ-
तोला काला बताओं न-
अजगर सांप के खंभा गडाहूँ...

Posted on: Apr 22, 2020. Tags: CG JAYA MUNDE RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER

अच्छा खा और अच्छा सोंच, त्याग दे शर्म संकोच...कोरोना पर कविता-

जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व एक कविता सुना रहे हैं:
अच्छा खा और अच्छा सोंच-
त्याग दे शर्म संकोच-
कल तक चेहरा खुल्ला था-
आज पहना ले वस्त्र-
कोरोना से युद्ध करने का-
यही तो है एक शस्त्र-
एक दूजे से दूर रहो मार न दे कहीं चोंच-
अच्छा खा और अच्छा सोंच-
त्याग दे शर्म संकोच...

Posted on: Apr 20, 2020. Tags: CG CORONA POEM RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV

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