आओ एक ऐसा मीडिया बनाएं,पढ़े-लिखे अनपढ़ को भी, सबकुछ समझ में आए...

सुनील कुमार, मुजफ्फरपुर, बिहार से मीडिया के लोकतंत्रीकरण की दिशा में प्रयास के लिए आह्वान कर रहे हैं:
आओ ! एक ऐसा मीडिया बनाएं-
पढ़े-लिखे अनपढ़ को भी, सबकुछ समझ में आए-
आओ...
कितने लोग पूरे देश में, फांक रहे हैं धूल-
सहमे-सहमे डरे हुए, मुरझा रहे हैं फूल-
धन वाले मीडिया में छाए हैं, ये सबकी भूल-
दबे-कुचले की आवाज उठाएं ! बेला है अनुकूल-
आओ...
अक्षम लोगों को भी उनका, हक हमको दिलवानी-
स्वच्छ जल, स्वास्थ-शिक्षा पर, हो सबकी निगरानी-
लोकतांत्रिक मीडिया में, अब ना हो कोई लाचारी-
कह दो दुनियावालों से, जनता है अब भारी-
आओ...

Posted on: Dec 24, 2014. Tags: SONG Sunil Muzaffarpur VICTIMS REGISTER

Activist at fast unto death from 3 days on land rights, no Govt response yet...

Sunil Kumar is calling from Muzaffarpur in Bihar and says Anand Patel is on fast unto death from 3 days for various demands related to Land Rights and Educational issues at collectorate. Activists from different parts of the State are present but no one from Govt has responded yet. Major demand is to allocate land for those who posses land deeds. Listeners are requested to call Collector@9473191283 to look into it immediately. Sunil Kumar @9308571702

Posted on: Nov 06, 2014. Tags: LAND SONG SUNIL MUZAFFARPUR VICTIMS REGISTER

हर आदमी को आदमी से, प्यार चाहिए...

सुनील कुमार, मुज़फ्फरपुर, बिहार से एक जन गीत प्रस्तुत रहे हैं:
हर आदमी को आदमी से, प्यार चाहिए
जीने के लिए जीने का, अधिकार चाहिए
हर आदमी को आदमी से, प्यार चाहिए
किरदार कितने लोगों के, बेकार हो गए
मासूम बेटियों के, खरीदार हो गए
पत्ते पहनके उम्र-सजा, काटने वाले
हैवान इस मुल्क के, सरदार हो गए
जल-जंगल-जमीन, हो ये जनता के अधीन
जीने के लिए रोटी-कपडा-मकान चाहिए
हर आदमी को आदमी से....
इक्कीसवीं सदी का, करिश्मा है दोस्तों
आजादी के बाद, अब स्वराज चाहिए
हर आदमी को आदमी से .......

Posted on: Oct 29, 2014. Tags: SONG Sunil Muzaffarpur VICTIMS REGISTER

तोहार देशवा गुलाम होई जाई, लड़ाई तोहरा लेवे के परी...भोजपुरी गीत

सुनील कुमार भारतीय नाट्य संघ (इप्टा), मुजफ्फरपुर (बिहार) में चल रहे प्रेमचन्द्र समारोह से संगीतकार व फिल्मकार डॉ.कु.विरल से एक भोजपुरी गीत रिकॉर्ड करवा रहे हैं:
तोहार देशवा गुलाम होई जाई, लड़ाई तोहरा लेवे के परी
तोहके आके अब केहू बा बचाई, लड़ाई तोहरा लेवे के परी
गाछ बीज पेटेंट बा गंगा के पानी, खाद डीजल महँगा बा, सुनि ला कहानी
तोहरा खेतवा में बिया ना बोवाई, लड़ाई तोहरा लेवे के परी
तोहर देशवा गुलाम होई जाई........
कल-कारखाना बंद खेती-बाड़ी उजडल, नौकरी के चक्कर में जन-समूह उमडल
तोहर रेत-रेत गरदन कटाई, लड़ाई तोहरा लेवे के परी
तोहर देशवा गुलाम होई जाई...
पेप्सी-कोला, थम्सप औ बियर पिलाई, हाथे-हाथे तोहके मोबाइल धराई
तोहके सपना में मारुति देखाई, लड़ाई तोहरा लेवे के परी
तोहर देशवा गुलाम होई जाई...
कवि-साहित्यकार सब पेटेंट हो गइले, बुद्धिजीवी विदेशियन के एजेंट हो गइले
अब त लफुआ चुनाव जीत जाई, लड़ाई तोहरा लेवे के परी
काहे बइठल तू लेवे ला जम्हाई, लड़ाई तोहरा लेवे के परी

Posted on: Aug 04, 2014. Tags: SONG Sunil Muzaffarpur VICTIMS REGISTER

हाय-हाय के जात हाजीपुर, के जात पटना...बिहार से झरनी लोकगीत

साथी सुनील मुजफ्फरपुर, बिहार से एक झरनी लोकगीत गा रहे हैं. लोग बांस का छोटा-छोटा झाडू बनाकर समूह में इस गीत को गाते-बजाते और नाचते भी हैं:
हाय-हाय के जत हाजीपुर, के जत पटना
के जत बेतिया शहरवे हाय-हाय
हाय-हाय बाबा जत हाजीपुर, भइया जत पटना,
स्वामी जत बेतिया शहरवा, हाय-हाय
हाय-हाय के लैते सारी सुगवा, के लैते कंगना
के लैते सिर के सिंदुरवे हाय-हाय
हाय-हाय पापा लैते सारी सुगवा, भइया लैते कंगना
स्वामी लैते सिर के सिंदुरवे, हाय-हाय
हाय-हाय के पहनते सारी सुगवा, भौजी पहनते कंगना
हम पहनबे सिर के सिंदुरवा हाय-हाय
हाय-हाय अम्मा पहनते सारी सुगवा
भौजी पहनते कंगना, हम पहनबे सिर के सिंदुरवा हाय-हाय
हाय-हाय फटी जाते सारी-सुगवा
टूट जाते कंगना, रह जाते सिर के सिन्दुरवे हाय-हाय.....
हाय-हाय फटी जाते सारी-सुगवा, टूट जाते कंगना,
रह जाते सिर के सिन्दुरवे हाय-हाय
हाय-हाय फटी जाते सारी-सुगवा, टूट जाते कंगना,
रह जाते सिर के सिन्दुरवे हाय-हाय.....

Posted on: Jul 31, 2014. Tags: SONG Sunil Muzaffarpur VICTIMS REGISTER

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