कैसे घर जाऊं लंगुरवा...गीत-
छिंदवाडा, मध्यप्रदेश से राजाराम एक गीत सुना रहे हैं, ” कैसे घर जाऊं लंगुरवा” | अपने संदेश रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं|
Posted on: Mar 11, 2021. Tags: CHHINDWARA MP RAJARAM SONG
कोयलिया बोले अमवा के डाल पर...गीत-
जिला-छिंदवाडा (मध्यप्रदेश) से राजाराम यदुवंशी एक गीत सुना रहे हैं:
कोयलिया बोले अमवा के डाल पर-
ऋतु बसंत के देत संदेशवा-
नव करे अर्पण कुंजत भँवरा-
हमरे संग रस रंगरलिया-
कोयलिया बोले अमवा के डाल पर...(AR)
Posted on: Mar 10, 2021. Tags: CHHINDWADA MP RAJARAM YADUVANSHI SONG
तुम्हारा मन व्याकुल न हो...छंद-
ग्राम-रनपोटा, पोस्ट-मरघटी, तहसील-मालखरोदा, जिला-जांजगीर (चापा) छत्तीसगढ़ से कृष्णा कन्हैया एक छंद सुना रहे हैं, तुम्हारा मन व्याकुल न हो, तुम परमेश्वर पर विश्वास रखते हो मुझ पर भी विश्वास रखो। मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं, यदि न होते, तो मैं तुम से कह देता क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूं। और यदि मैं जाकर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो। और जहां मैं जाता हूं तुम वहां का मार्ग जानते हो। थोमा ने उस से कहा, हे प्रभु, हम नहीं जानते कि तू हां जाता है तो मार्ग कैसे जानें? यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता। (184127) GT
Posted on: Feb 26, 2021. Tags: CG CHHAND JANJGIR CHAPA KRISHAN KANHAIYA
तय घुमेला आयबे तोरी मोर....गीत-
जिला-जांजगीर चापा (छत्तीसगढ़) से सम्पतलाल यादव एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे है :
तय घुमेला आयबे तोरी मोर-
रायगड़ बाजार घुमेला आयबे-
सन पुत्री कस तोला सजा बो-
रंग रंग के खावा हो रे-
कोरबती कर धनिया तोरे-
कमर मा पैरा हूँ ...(184579)
Posted on: Feb 23, 2021. Tags: CG CHHATTISGARHI SONG JANJGIR CHAPA SAMPATLAL YADAV
वनांचल स्वर: घटते जंगलों के कारण जानवर भू घट रहे हैं और प्रदुषण भी बढ़ा है ...
ग्राम-चाहचढ़, तहसील-भानुप्रतापुर, जिला-कांकेर (छतीसगढ़), से लखराम सलाम 1960-1965 की बात बतातें हैं उस समय जंगल बड़े हुआ करते थे| जंगले में बाघ, हिरण, सांभर, वनभैंसा, मयूर, बरहा(जंगली सुवर), खरगोश, गिलहरी और गैंडा हुआ करते थे| पेड़ों की बाते करें तो बांस के पेड़ थे| मैं उस समय 5 साल का था| जब 20-25 वर्ष का हुआ तो चीता, बरहा, खरगोश और पक्षी समय के साथ गायब होने लगे| हम लोग शिकार पर भी जाते थे| जानवरों के गायब होने का मुख्य कारण खनन है| खुदाई होते हुए 7-8 साल हो गया है, वहां से कई तरह क जहरीले पदार्थ निकलते हैं और रही बात फायदे की तो वह बाहरियों का ही हो रहा| (185556) GT
