स्वास्थ्य स्वर : मुंह में छाले होने का घरेलू उपचार...
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेंद्र सिंह राय मुंह में छाले होने का घरेलू उपचार
बता रहे हैं, मिश्री और कत्था जो पान में खाते हैं दोनों को मुंह में रख कर उसका रस चूसे इससे लाभ मिल सकता है| अधिक जानकारी के लिये दिये नंबर पर संपर्क कर सकते हैं| पूरी जानकारी प्राप्त कर ही नुस्खा उपयोग करें| संपर्क नंबर@9519520931. (AR
Posted on: Mar 02, 2021. Tags: HELTH MP RAGHVENDRA SINGH RAI TIKAMGADH
स्वास्थ्य स्वर : कांटा चुभने और नही निकलने की समस्या घरेलू उपचार...
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेंद्र सिंह राय कांटा लगने का घरेलू उपचार
बता रहे हैं, जिसका उपयोग कर लाभ लिया सकता है| नुस्खे के में बारे जानकारी के लिये संदेश को सुने और अधिक जानकारी के लिये दिये नंबर पर संपर्क कर सकते हैं| पूरी जानकारी प्राप्त कर ही नुस्खा उपयोग करें| संपर्क नंबर@9519520931. (AR)
Posted on: Mar 01, 2021. Tags: HELTH MP RAGHVERDA SINGH RAI TIKAMGADH
स्वास्थ्य स्वर : स्टोन पथरी असमरी होने का घरेलू उपचार-
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेंद्र सिंह राय स्टोन पथरी असमरी का घरेलू उपचार
बता रहे हैं, जिसका उपयोग कर लाभ लिया सकता है| नुस्खे के में बारे जानकारी के लिये संदेश को सुने और अधिक जानकारी के लिये दिये नंबर पर संपर्क कर सकते हैं| पूरी जानकारी प्राप्त कर ही नुस्खा उपयोग करें| संपर्क नंबर@9519520931. (AR)
Posted on: Mar 01, 2021. Tags: HELTH MP RAGHVERDA SINGH RAI TIKAMGADH
वनांचल स्वर: घटते जंगल बढ़ती परेशानियां...
ग्राम-हिटारकसा, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से नारायण सिंह साहू बताते हैं कि उनके गांव में आए दिन भालू आ जाते हैं। अभी तक जान-माल का कोई नुक्सान नहीं हुआ है, लेकिन भालू अक्सर गन्ने और सब्जी की फसल को खराब कर देते हैं। ग्रामीण कभी भी भालुओं को नुक्सान नहीं पहुँचाते। जंगल कम होने की वजह से वहां फल-सब्जी नहीं मिलता जिस वजह से भालू गांव में भोजन की तलाश में आ जातें हैं। हम लोगो ने गांव में एक वन समिति बनाई है, जो ग्रामीणों को वन के पेड़ों की कटाई करने से रोकते हैं। हमारे गांव में अब जंगल नहीं है बस कुछ झाड़ियां ही बची हैं। संपर्क@9424182008. (RM)
Posted on: Feb 27, 2021. Tags: CG KANKER NARAYANSINGH SAHU VANANCHAL SWARA
वनांचल स्वर: घटते जंगल बढ़ती परेशानियां...
ग्राम-हिटारकसा, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से नारायण सिंह साहू बताते हैं कि उनके गांव में आए दिन भालू आ जाते हैं। अभी तक जान-माल का कोई नुक्सान नहीं हुआ है, लेकिन भालू अक्सर गन्ने और सब्जी की फसल को खराब कर देते हैं। ग्रामीण कभी भी भालुओं को नुक्सान नहीं पहुँचाते। जंगल कम होने की वजह से वहां फल-सब्जी नहीं मिलता जिस वजह से भालू गांव में भोजन की तलाश में आ जातें हैं। हम लोगो ने गांव में एक वन समिति बनाई है, जो ग्रामीणों को वन के पेड़ों की कटाई करने से रोकते हैं। हमारे गांव में अब जंगल नहीं है बस कुछ झाड़ियां ही बची हैं । संपर्क – 9424182008 (RM)
