बारह भाई चोर की कहानी...

एक गाँव में 12 भाई चोर रहा करते थे, वे रोज रात में सबके सोने के बाद चोरी करने निकला करते थे ची गाँव में एक लाढूआ (चोरी करने वाला) रहा करता था वे उनके घाट ( रास्ते) में बैठे रहा करता था, और उनके आवाज पाने से पूछा कौन है, वे कहे हम 12 भाई चोर हैं| लाढूआ बोला मेरे को ले जाओगे या नही, वे बोले नही, बोला मै चिल्ला दूंगा वे बोले हाँ ले जायेंगे, फिर वे चोरी करने गाँव के गौटिया के घर में गये, सभी अच्छे-अच्छे सामान चुरा लिए लाढूआ मांदर चुराया, उसको वो पीछे रखा, मांदर के बजने से गौटिया जाग गया चोर भाग गये और लाढूआ पकड़ा गया उसको बहुत पिटाई किये, दूसरे दिन फिर से 12 भाई चोरी करने निकले और लाढूआ फिर से उनके साथ चला गया और घर में जाकर 12 भाई अच्छे सामान चुराए लाढूआ सीका में गुड रखा था उसको चुराया और उसको तोड़ दिया, उसके शरीर में गुड लगा जिसको वह रुई में पोछ दिया और बगल के बेढा में जाकर सो गया, और फिर से पकड़ा गया, और उसकी पिटाई हुई, तीसरे दिन भी चोरी करने गये और कनकी (चावल) चुराया और रास्ते में आग और पानी मिलने से वे बनाया खाया और मुहं खोल के सो गया गौटिया आ के चावल मुहं में डाल दिया, और पिटाई भी किये वे सभी भाई भाग गये चौथा दिन फिर से चोरी करने गये लाढूआ जाता (दराई-पिसाई करने वाला) ले भाग रहा था उसी रास्ते से बरात आ रहा था, वह बरगद में चढ़ गया, उसी बरगद के नीचे सभी बाराती आराम करने लगे, लाढूआ जाता (दराई-पिसाई करने वाला) को दुल्हा के सिर में गिरा दिया और वह मर गया|

Posted on: Sep 16, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER

मेरे लगाए गये पेड़ का फल मेरे आने वाले पीढ़ी के लोग और पशु-पक्षी खायेंगे...कहानी

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) कन्हैयालाल पडियारी एक कहानी सुना रहे हैं;
एक राजा उसका नाम मानसिंह था वह बडा ही ज्ञानवान धर्मात्मा था, वह प्रतिदिन सभा से लौटने के बाद किसान के वेश में हाथ में कुदाल, फलदार पौधा और पानी के बाल्टी लेकर रोज सड़क के किनारे उन पौधों को लगाता और पौधे में पानी डालने के लिए जड़ के पास मेड भी बनाता था, एक दिन उनके यहाँ एक विदेशी आया, उसे वहां के राजा से मिलना था, पर वह दूसरे दिन मिलना है सोचकर किसी भोजनालय गृह में रुक गया वह शाम के समय अच्छे कपड़े पहन कर घूमने निकल गया, वह उस राजा के पास पहुंचा और बोला बाबा इस उमर में पौधा क्यों लगा रहे हैं, क्या इनका फल आप खा पाएंगे तो उसने जवाब दिया कि अब तक मै दूसरों के द्वारा लगाये गये पौधों के फल को खाते आ रहा हूँ, मेरे लगाए गये पेड़ का फल मेरे आने वाले पीढ़ी के लोग और पशु-पक्षी खायेंगे, विदेशी मन ही मन सोचता हुआ वापस आ गया, दूसरे दिन वह राज दरबार में गया और वह राजा को देखकर आश्चर्य हो गया और बोला मै आपको कही देखा हूँ, राजा ने कहा हाँ देखे होंगे, वह वहां इतना बोलकर चला गया और बाद में बिदेशी को पता चला कि राजा ही थे जो पौधे लगा रहे थे तब वह भी अपने देश में जाकर पौधा लगाने लगा...

Posted on: Sep 11, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER

मान सम्मान पाने के लिए चरित्रवान, गुणवान, विद्यावान, दयावान होना आवश्यक है...

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडिहारी एक लेख सुना रहे है जिसका शीर्षक है भगवान और शैतान : धनवान या राजा महाराजा, मंत्री बन जाने से सम्मान नहीं बढ़ जाता | मान सम्मान पाने के लिए चरित्रवान, गुणवान, विद्यावान, दयावान होना आवश्यक है | धनवान या राजा-का वही पूजा करते है जो उनके संपर्क में रहते है जिन्हें उनसे कुछ पाने की अभिलाषा होती है या जो डरपोक होते है लेकिन चरित्रवान, गुणवान, विद्यावान, दयावान सभी जगह मान सम्मान पाते है और वह आदमी इन्सान कहलाता है और आगे चल कर भगवान भी कहलाता है जैसे ओशो रजनीश, संत कबीर दास, गुरु घासीदास, गुरुनानक।बाकी सब शैतान कहलाते है जैसे रावण और कंस |

Posted on: Sep 11, 2018. Tags: CG KANAHIYA LAL PADIHARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER

सन्तान कहलाने के लायक नहीं, फिर भी संतान कहलाते हैं...कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
सन्तान कहलाने के लायक नहीं, फिर भी संतान कहलाते हैं-
अपने ही धुन में मस्त हो मस्ती करने चले जाते हैं-
मना करो जिन राहो में जाने को, उसी राह में चले जाते हैं-
सोचते हैं मन में क्या क्यों मना किया गया, चलो थोड़ा देख कर आते हैं-
वहां देखने क्या जाते है, वहां की भव्यता देख वहीँ रह जाते हैं-
अपने धुन में उसे पता नही चलता कि ये भयानक दलदल है-
फंसते-फंसते इतना फंस जाता है कि फिर वह निकल नहीं पाता है-
तब याद आता है उसे कि माता पिता ने क्यों रोका था...

Posted on: Sep 10, 2018. Tags: CG KANHAILAL PADHIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

ज्यादा घूमा फिरा न करो शैतान घूमते है...चुटकुला

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़,(छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक चुटकुला सुना रहे हैं:
पिता: बेटा अँधेरी रात में ज्यादा घूमा फिरा न करो शैतान घूमते है-
बेटा : पिता जी आप रात-रात भर घूमा करते है, आपको शैतानो से डर नही लगता है-
पिता: बेटा अब तो मै बड़ा हो गया हूँ जब मै छोटा था, तो बहुत डरता था मेरा पिता तेरे दादा जी यही कहा करते थे-
बेटा : पिता जी आप डरते थे इसलिए आप भी मुझे डरा रहे हैं पर मै तो नया जमाने का हूँ आज शैतानों से कोई नही डरता है तो मै क्यों डरूं-
पिता : बेटा शैतानों से न दोस्ती करनी चाहिए न दुश्मनी करनी चाहिए दोनों ही महंगा पड़ता है-
बेटा : पिता जी शैतानों से दोस्ती ही करना चाहिए उससे लाभ ही लाभ है मैने उनसे दोस्ती की है...

Posted on: Sep 09, 2018. Tags: CG JOKE KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

« View Newer Reports

View Older Reports »