कल-कल, छल-छल बहती नदी नालायें...कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
कल-कल, छल-छल बहती नदी नालायें-
कहीं उथली, कही गहरी-
कहीं समतलतायें-
कई तरह की जीव जंतू, उसके अंदर समायें-
सभी का प्यास बुझाती वह अपना जल पिलाकर-
सभी उसका आगे में रहते, ठण्डा पानी पीकर...

Posted on: May 13, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

बार-बार बिजली चमकी, कड़का बादल घोर घार...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
बार-बार बिजली चमकी, कड़का बादल घोर घार-
झूम के बरखा रानी आयी, हुआ बूंदो का बौछार-
चम-चम, चम-चम चमक रही थी, था बादल में घोर अंधकार-
बादल से बादल टकरा रहा, गिरा बनकर मूसला धार-
धरती पास बुला रही थी, आँखों में ले कर प्यार-
प्यार दुलार धरती की, दिया अपना मुसली धार...

Posted on: May 13, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

आगे की सोचकर चिंता नहीं करनी चाहिये, समय के साथ सब अच्छा होता है...कहानी-

एक दिन कि बात है| दीनू नाम का एक किसान खेत से आकर घर के बाहर अकेला उदास बैठा था| खेत मे बीज डालने, बियासी, निदाई अदि का काम कर चुका था| लेकिन फसल पकने से पहले ही वर्षा रुक गई थी| भूमि में थोड़ी नमी बची थी| फसल खराब होने के आसार थे| इसलिये वह दुखी था| तभी उसका साथी रामू उसके पास आया| उसने दीनू से उसके दुःख का कारण पूछा| दीनू ने सब बताया| रामू बोला चिंता छोडो सब ऊपर वाले पर छोड़ दो| अभी बरसात का समय बचा है| चलो चाय पिलाओ| कुछ देर बाद जोर की बारिश होने लगी| ये देखकर दोनों खुश हो गये| और बोले भगवान ने हमारी सुन ली| इस कहानी से यह सीख मिलती है| परेशानियों से घबराना नहीं चाहिये, समय के साथ सब अच्छा हो जाता है|

Posted on: May 13, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER

ना होश रहा ना जोश रहा, आँखों से गया नींद...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
ना होश रहा ना जोश रहा, आँखों से गया नींद-
सारा रात बिता रहा, तारे रहता गिन-
भूख गया, प्यास गया, देख तन की सितलाई-
आँखों के आगे झूल रहा था, बुढ़ापा की परछाई-
हरदम याद आता रहता, बीती पलों की याद-
घुट कर रह जाता, करके उस पलों की याद...

Posted on: May 12, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

माँ ने मुझको ममता दी, पिता ने दिया प्यार...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
माँ ने मुझको ममता दी, पिता ने दिया प्यार-
बहन राखी बांध दी, लुटाई अपना निश्छल प्यार-
भूल गया मै अपना सब कुछ-
पा अपनो का प्रेम प्यार-
दुनिया को मै भूल चला फीका-फीका लगा संसार...

Posted on: May 10, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

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