जिंदगी के नइये ठिकाना ए मोर संगी...गीत-
ग्राम, पोस्ट-डिज़ावल, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से विजय प्रताप पोया एक गीत सुना रहे हैं :
माता पिता ने जनम दिया, गुरु ने दिया ज्ञान-
जिंदगी के नइये ठिकाना ए मोर संगी-
ए मोर भईया जिंदगी के नइये ठिकाना-
माटी के काया माटी के माया-
माटी मा मिल जाही-
हंसना रोना है ए भईया ये जिंदगी में...
Posted on: Aug 02, 2019. Tags: CG SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER VIJAY PRATAP POYA
मोर गाँव मा आके छांव, मोर अन्नपूर्णा के गाँव...गीत-
ग्राम-डिज़ावल, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से विजय प्रताप पोया एक गीत सुना रहे हैं:
मोर गाँव मा आके छांव-
मोर पीछे कोया ना-
गाँव बसे हे मोरे जंगल पहाड़ बीच-
जिला सूरजपुर प्रतापपुर ब्लाक ओ-
छत्तीसगढ़ के मै रह्वईया सूरजपुर के ओ-
मोर गाँव मा आके छांव-
मोर अन्नपूर्णा के गाँव...
Posted on: Jul 30, 2019. Tags: CG SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER VIJAY PRATAP POYA
Impact : सीजीनेट साथियों के मदद से गाँव में बिजली लग गयी है...
ग्राम-दादरीटोला, थाना, तहसील-जवा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से प्रीतमलाल प्रजापति बता रहे है, कि उनके गाँव में बिजली की समस्या थी | 2011 में खंभे लगाये गये थे| लेकिन केबल नहीं लगाया गया था| जिस समस्या को उन्होंने सीजीनेट में रिकॉर्ड किया| रिकॉर्ड करने के बाद सीजीनेट के साथियों की मदद से उनके गाँव में बिजली गयी है| इसलिये वे सीजीनेट के साथियों और संबंधित अधिकारियो को धन्यवाद दे रहे हैं| जिन्होंने उनकी मदद की : संपर्क नंबर@9522824525.
Posted on: Jul 26, 2019. Tags: IMPACT STORY MP PRITAMLAL PRAJAPATI REWA SONG VICTIMS REGISTER
कहूँ मै तोरे महिमा...गीत-
अंबिकापुर (छत्तीसगढ़) से मेरामिका एक गीत सुना रही हैं :
कहूँ मै तोरे महिमा-
प्रभु तोके कहेयोने भूलबो मै-
कराब तोरे प्रार्थना-
सबू तोके कहेयोने सोराब मै-
पाप के करले, क्रूस में डबरू बाले-
तोके बचा ले सबू तोके बचा ले...
Posted on: Jul 22, 2019. Tags: AMBIKAPUR CG MERAMIKA SONG VICTIMS REGISTER
दारू के बोतल ला, गांजा के चिलम ला तोड़ दो...गीत-
नीलकंठपुर, पंचायत-गोरगी, पोस्ट-डिज़ावाल, तहसील, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जगदेव प्रसाद पोया एक गीत सुना रहे हैं :
दारू के बोतल ला, गांजा के चिलम ला तोड़ दो-
अउ गांजा दारू पीना छोड़ दूरा छोड़ दो-
दारू पीना छोड़ो भईया, गांजा पीना छोडो भईया-
डब-डब अईसे दारू चूवे, दारु अईसे चुवाय देहे-
चिलम से गांजा अईसे उड़े, वईसे धुंवा उड़ाय देहे...
