घुमड़ी रहे चलो घुट काली बादल घुमड़ी रहे रे...सावन गीत
ग्राम-सरईमाल, जिला-डिन्डोरी (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार आहिवार वर्षा ऋतु से सम्बंधित एक सावन गीत सुना रहे हैं:
घुमड़ी रहे चलो घुट काली बादल घुमड़ी रहे रे-
कौन खेती घुमड़े कौन बरसे काली बादल घुमड़ी रहे रे-
उत्तर दिशा गरजे पश्चिम दिशा बरसे रे हो-
पूर्ब दिशा बूंद ला चुहाये रे हो-
घुमड़ी रहे चलो घुट काली बादल घुमड़ी रहे रे...
Posted on: Aug 08, 2018. Tags: DINDORI HINDI SONG MP SANTOSH KUMAR AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
सूरज सा चमकू मै,चंदा सा चमकू मै...बाल कविता
ग्राम-मोहली, पोस्ट-मोहली, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से नीलेंदर कुमार के साथ रोशनी एक कविता सुना रही है:
सूरज सा चमकू मै चंदा सा चमकू मै-
जगमग-जगमग हो उज्वल तारो सा दमकू मै-
मेरी अभीलाषा है,फूलो सा महकू मै-
विभो सा चह्कू गुन्जू सावनो पर कोयल सा कुह्कू मै-
मेरी अभिलाषा है नभ से निर्मल पानी-
सूरज सा चमकू मै चंदा सा चमकू मै...
Posted on: Aug 07, 2018. Tags: BALRAMPUR CG HINDI POEM NILENDARA KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
पारम्परिक वैद्य सम्मलेन का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर पाए जाने वाले वन औषधियों का उपयोग बढ़ाना
डोंगरगढ़ (छत्तीसगढ़) से दो दिवसीय राज्य स्तरीय परम्परागत वैद्य सम्मलेन में शामिल हुए वैद्य निर्मल कुमार अवस्थी बता रहे हैं कि आज दो दिवसीय राज्य स्तरीय पारम्परिक वैद्य सम्मलेन का यह दूसरा और आखरी दिन है, वहां पर लगभग 13 जिलो से वैद्य उपस्थित हुए हैं, सम्मलेन का मुख्य उद्देश्य प्राचीन चिकित्सा पद्धति का लोक व्यापीकरण करना है, लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और स्थानीय स्तर पर पाए जाने वाले वन औषधियों का उपयोग करें, यह सम्मलेन छतीसगढ़ राज्य पादप बोर्ड और राज्य सरकार के सहयोग से कराया गया, जिसमे अध्यक्ष रामप्रताप सिंह और उपाध्यक्ष एच.बी.शर्मा, क्षेत्रीय विधायक और कई अधिकारी शामिल हुए | एच डी गांधी@9111061399
Posted on: Aug 06, 2018. Tags: DONGARGARH CHHATTISGARH HD GANDHI NIRAMAL KUMAR AWASTHI SONG VICTIMS REGISTER
आरक्षण का आधार जाति या धर्म नही बल्कि आर्थिक होना चाहिए...
पटना (बिहार) से धनवन सिंह राठौर अखिल भारतीय अपराध विरोधी मोर्चा कार्यालय में एक प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान बता रहे हैं कि आज देश के संविधान को 65 साल हो चुके हैं| उसमे हर 10 साल में एक समीक्षा होनी चाहिए| लेकिन राजनितिक कारणों से इस पर कोई समीक्षा नही की गई | जिसके कारण जिस समाज को आरक्षण मिला उस समाज के लोग आज भी वही है सिर्फ 2 से 5 प्रतिशत लोग जो संपन्न, सक्षम, बड़े पद पर है वही इसका फायदा ले रहे हैं लेकिन वास्तव में जिसे लाभ मिलना चाहिए उनको नही मिला है | अखिल भारतीय मोर्चा की विचार धारा है कि गरीबी जाति या धर्म के अनुसार नही आती | इसलिए आरक्षण का आधार आर्थिक होना चाहिए| वे इन्ही मांगो को लेकर देश में आन्दोलन कर रहे है |
Posted on: Aug 05, 2018. Tags: BIHAR SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
सावन आगे, सावन आगे, आगे आगे अधिया मोर...सावन गीत
ग्राम-सरईमाल, जिला-डिंडौरी (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार अहिरवार वर्षा ऋतु में गाये जाने वाला एक सावन गीत सुना रहे हैं:
सावन आगे, सावन आगे, आगे आगे अधिया मोर-
पुरवैया नीक लागे ओ, पुरवैया नीक लागे न-
नदिया, नरवा डोब-डोबावे झिंगरा हा गीत गावे-
पुरवैया नीक लागे ओ, पुरवैया नीक लागे न-
करिया कोयली कुह-कुहवाय झिंगरा बोली देवय-
पुरवैया नीक लागे न, पुरवैया नीक लागे न...

