वनांचल स्वर: बुजुर्ग ने किया साहस प्रयोग के लिए दी ज़मीन-
ग्राम-दमकसा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) शेर सिंह आँचला जी ने बताया कि यह भूमि उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है उनके पूर्वज यहाँ 17वीं-18वीं शताब्दी के आस पास आए। ये अध्यापक थे। लोगो को जागरूक और वन बचाने के लिए संगठन बनाया और पंजीकरण भी करवाया । इसी को ध्यान रखते हुए अपनी जमीन पर एक प्रयोग किया नर्सरी बनवाकर, और कई तरह की विलुप्त होने वाली औषदियाँ भी लगाई। अब लोग जागरूक होने लगे हैं। गिलोय, भूलिम, आंवला के पेड़ लगाए गए। सुरक्षा का अभाव था, कार्यशालाएं भी चल रही हैं। हर वर्ष 5 जून को पर्यावरण दिवस भी मनाते हैं। जब तक लोगो में जागरूकता और सहयोग नही है तब तक कोई सफलता नही मिलेगी। मुझे प्रकृति पर्यावरण पर आस्था है। या फ़िनलैंड से विदेशी आए थे, अमेरिका से भी कुछ दिन पहले यहां आए थे, दिल्ली से भी आते रहते हैं। (MS)
Posted on: Apr 01, 2021. Tags: CG KANKER SHERSINGH ACHALA VANANCHAL SWARA
बिनती सुनो मोरी अवध के बसईया...बागेश्री राग-
सेक्टर C राजनगर,जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से मारकंडे सिंह एक बागेश्री राग सुना रहे हैं:
बिनती सुनो मोरी अवध के बसईया-
तुम बिन कवन मोरी-
दुःख के हराईया-
जहा जहा पड़ी भीड़-
तहा-तहा दियो धीर सीता पति राम भव के तराईया...(AR)
Posted on: Mar 30, 2021. Tags: ANUPPUR BAGESHRI RAAG MARKANDE SINGH MP
ए गोरी तनी बांच के चला...गीत-
सेक्टर c, राजनगर, जिला-अनूपपुर, मध्यप्रदेश से मारकंडे सिंह एक भोजपुरी गीत सुना रहे हैं:
लारिकये में लागे लू जवान-
ए गोरी तनी बांच के चला-
सोलहू सिंगार कैलू बाली उमर में-
अगही से गड़ गयीबू केहू के नजर में-
करा न एतना गुमान-
ए गोरी तनी बांच के चला... (AR)
Posted on: Mar 27, 2021. Tags: ANUPPUR MARKANDE SINGH MP SONG
स्वास्थ्य स्वर : कोरिया पेड़ का औषधियों उपचार-
ग्राम-हिटारकसा, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से वीर सिंह पटेल औषधियों के बारे में बताते हैं। उबके हिसाब से कोरिया का पेड़ सर्वोत्तम औषधि है। इसको सर्दी, गर्मी खांसी जुखाम में इलाज के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। नीम की छाल और पत्तों को भी अच्छी औषधि माना जाता है।
Posted on: Mar 24, 2021. Tags: CG HEALTH KANKER VEERSINGH PATEL
सोचें विचार नही आयें ये जवानी कैसे ढरी जाए...फागुन गीत-
ग्राम-देवरी, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया फागुन गीत सुना रहें हैं:
सोचें विचार नही आयें ये जवानी कैसे ढरी जाए-
येदे होरी रे नई सोचे माता-पिता नही परिवार-
नही सोचे निति धर्म जियें के आधार-
सोचें विचार नही आयें ये जवानी कैसे ढरी जाए-
येदे होरी रे नई सोचे माता-पिता नही परिवार...(185040)
