लेती नहीं दवाई माँ, जोड़े पाई-पाई माँ...कविता-
मालिघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक कविता सुना रहे है :
लेती नहीं दवाई माँ, जोड़े पाई-पाई माँ-
दुःख थे पर्वत, राई माँ, हारी नहीं लड़ाई माँ-
इस दुनियां में सब मैले हैं, किस दुनियां से आई माँ-
दुनिया के सब रिश्ते ठंडे, गरमा गरम रजाई माँ-
जब भी कोई रिश्ता उधड़े, करती है तुरपाई माँ-
बाबू जी तनख़ा लाये बस, लेकिन बरक़त लाई माँ-
बाबूजी थे सख्त मगर, माखन और मलाई माँ-
बाबूजी के पाँव दबा कर, सब तीरथ हो आई माँ-
नाम सभी हैं गुड़ से मीठे, मां जी, मैया, माई, माँ...
Posted on: Jul 18, 2019. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR POEM SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
लेती नहीं दवाई माँ, जोड़े पाई-पाई माँ...कविता-
मालिघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक कविता सुना रहे है :
लेती नहीं दवाई माँ, जोड़े पाई-पाई माँ-
दुःख थे पर्वत, राई माँ, हारी नहीं लड़ाई माँ-
इस दुनियां में सब मैले हैं, किस दुनियां से आई माँ-
दुनिया के सब रिश्ते ठंडे, गरमा गरम रजाई माँ-
जब भी कोई रिश्ता उधड़े, करती है तुरपाई माँ-
बाबू जी तनख़ा लाये बस, लेकिन बरक़त लाई माँ-
बाबूजी थे सख्त मगर, माखन और मलाई माँ-
बाबूजी के पाँव दबा कर, सब तीरथ हो आई माँ-
नाम सभी हैं गुड़ से मीठे, मां जी, मैया, माई, माँ...
Posted on: Feb 27, 2019. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR POEM SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
केलवा जा फरे जा ओह पर सुआ मडराए...हारमोनियम पर छट धुन
संजीत कुमार सरैया बाजार मुजफ्फरपुर बिहार से है उनके साथ लोक संगीतकार सुनील कुमार है जो हारमोनियम पर एक पारंपरिक छट धुन सुना रहे है जिसका बोल है केलवा जा फरे जा ओह पर सुआ मडराए...
Posted on: Sep 06, 2018. Tags: BIHAR INSTRUMENTAL MUZAFFARPUR SANJEET KUMAR SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
संविधान जलाने की घटना के विरोध में प्रदर्शन: आरक्षण ने दबे कुचलों को आगे आने मौक़ा दिया है...
मुज़फ्फरपुर बिहार से सुनील कुमार को जन आन्दोलनों के राष्ट्रीय समन्वय के कार्यकर्ता शाहिद कमाल बता रहे है कि 9 अगस्त को जंतर मंतर दिल्ली में कुछ जातिवादी और आरक्षण विरोधी समूहों द्वारा संविधान जलाने की घटना को लेकर पूरे देश में संविधान बचाओ देश बचाओ अभियान के तहत एक दिवसीय धरना कार्यक्रम किया गया है l कार्यक्रम का उद्देश्य है कि आरक्षण का विरोध और संवैधानिक अधिकारों का हनन करना बंद किया जाये साथ ही सरकार के लोग संविधान की शपथ लेने के बाद संविधान के खिलाफ बयानबाज़ी करते रहते है जिससे संविधान बिरोधी ताकतों को आगे बढने में सहयोग मिलता है आरक्षण ने दबे कुचले लोगों को आगे आने का मौक़ा दिया है संविधान के इस प्रावधान का हम समर्थन करते हैं
Posted on: Aug 31, 2018. Tags: BIHAR HINDI MUZAFFARPUR SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
मन मगन भक्ति में, अइसन सारा बंधन तोड़ के...भोजपुरी भक्ति गीत-
ग्राम-मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से पूजा कुमारी भोजपुरी में एक भक्ति गीत सुना रही हैं :
मन मगन भक्ति में अइसन सारा बंधन तोड़ के-
हो अज नैकी बहुरिया नाचे हाय ललकी चुनरिया ओढ़ के-
संगही में नाचे तारो ससुर भसुर हो-
छोटका देवरवा के चढ़ गईली सुर हो-
कहे झुमा आ के बहनी हमार, ऐहो चाची हो जा तैयार...


