भाई भाई का प्यार...कहानी

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कहानी सुना रहे हैं| पंचवटी के स्वर्ण कुट्टी में लक्मण पर्ण कुट्टी पर बैठा हुआ सोच रहा था| 14 वर्ष का वनवास अकेला कैसे कटेगा, राम भैया और सीता भाभी अपने स्वर्ण कुट्टी में रहेंगे उनके सामने में कैसे जाऊंगा| तभी राम ने लक्मण को आवाज़ लगायी, कहा ये पर्ण कुट्टी का घास ये खिसक गया है, वर्षा कभी भी हो सकता इससे ठीक कर दो, अपना भी कुटिया देख लेना| लक्मण फिर चला गया| फिर राम सीता से कहते हैं, सीते लक्मण हमारे लिए कितना कस्ट उठा रहा है, इसको तो वनवास भी नहीं हुआ है| सीता बोली, यही तोह भाई भाई का प्यार है|...

Posted on: May 15, 2019. Tags: CG CHHATTISGARH KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER

आज के ज़माने में सत्य की कथा...कहानी

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कथा सुना रहे हैं| सत्य युग में सत्य चार पैरो पर खड़ा था| त्रेता युग में 3 पैरो पे खड़ा था| द्वापर युग में 2 पैरो पे आ गया| कलयुग में 1 पैर पे खरा है, जो कभी भी गिर सकता है, क्यूंकि आज लोग झुठ का सहारा ले कर चल रहे है, बात बात पे झुठ बोलना लोगो की आदत बन गयी है| सबसे बड़ा झुठा नेता होते है, जो झुठ बोलकर कुर्सी पे बैठ जाते है| पांच वर्षो तक ऐश करते है, पोजीशन बना लेते है और फिर ज़िन्दगी भर के पेंशन मिलना सुरु हो जाता है| मोबाइल के आने के बाद इसका बोल वाला ओर बढ़ गया है| पैसा का लेन-देन का मामला हो तोह ओर ज्यादा झुठ बोलते है| सब एक दुसरे से झुठ बोलते हैं|

Posted on: May 15, 2019. Tags: CG CHHATTISGARH KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER

आया ऋतु राज वसंत, नौ पालो की लायी हरयाली-कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
आया ऋतु राज वसंत,
नौ पालो की लायी हरयाली,
संघ में लाया ख़ुशी का त्यौहार,
रंग गुलाल की थी होली,
बज रहे थे ढोल नगारा,
सभी का मुख का रंग लाली...

Posted on: May 15, 2019. Tags: CG CHHATTISGARH KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

मंद बन मंद, खुशबु बिखेर रहे थे होकर खुश बगियाँ...कवित|

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं|
मंद बन मंद, खुशबु बिखेर रहे थे होकर खुश बगियाँ,
रंग बिरंगे फूल खिली थी,
आकर डाली में नौ घड़ियां,
आज तू राज्यवसन कर रहा था उपकार,
फूलों की डाली को तू लुटा रहा था अपना प्यार,
मधु मखिया इतरा रहे थे भरपेट मधु पान कर ...

Posted on: May 15, 2019. Tags: ) CG CHHATTISGARH KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

पाकिस्तानी कीड़े मकोड़े, कब तक कुलबुलाओगे...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
पाकिस्तानी कीड़े मकोड़े, कब तक कुलबुलाओगे-
एक दिन सामत आ जायेगी, मिट्टी में मिल जाओगे-
फौलादी लोहे से नहीं बने हो-
हाड़ मांस का तुम्हारा भी है जान-
चीटियों सा मसलकर रख देंगे-
रख सकते हो तो रख लो अपना मान सम्मान...

Posted on: May 14, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

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