बैला ला जोते बर फांदे रहें ओहर ढीला गे...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक छत्तीगढ़ी कविता सुना रहा है :
का मै कहों संगी जम्मो हर नठा गे-
बैला ला जोते बर फांदे रहें ओहर ढीला गे-
कोपर ला फांदे रहें डांडी हर टूट गे-
सुपी ला धरे रहे और हर गुमा गे-
धान ला बुने रहे ओहू हर बगरा गे-
कोदो ला बुने रहे ओहू हर कचरा गे...
Posted on: May 20, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
नोनी के बेनी मा गुथाये हे मोंगरा के फूल...कविता
ग्राम-तमनार,जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडियारी एक कविता सुना रहा है:
मोंगरा के फूल संगी फुट हवय घुला-घूल-
चारो कोती मह्महावत हे रद्दा जाबे भूल-
नोनी के बेनी मा गुथाये हे मोंगरा के फूल-
ऐति ओति मटकत हवे इसकुरगुजी कस धुल-
हर्रा-पर्रा दिखत हावे कियारी मा फूल-
भंवरा मन झूमत हावे अपन रद्दा भूल...
Posted on: May 20, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
बादल हा मांदर बजावत हवे बिजली के संग...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडियारी एक कविता सुना रहा है:
झूमत हवे रुख-राई खोका हवा के संग-
बादल हा मांदर बजावत हवे बिजली के संग-
छलकत हवे नदी-नरवा कुरकुट-कचरा के संग – बही-बही जावत हवे दुल्हा अपन पीया के संग-
हरी भरी भुइयां अपन माती के संग-
बिखरे हवे खुशबु मस्त मतंग...
Posted on: May 19, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
कोई छोटा है न कोई बड़ा सभी एक सामन हैं, हम सब प्राक्रतिक के सेवक हैं ...कहानी
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कहानी सुना रहा है: एक बार सभी देवताओं का सम्मलेन हुआ| सभी देवता सभा कक्ष में आये, सभी अपने गुणों का बखान करने लगे अग्नि देव बोला मै सभी को आग प्रदान करता हूँ,सब प्राणी पकाकर खाते हैं| मै सभी को जलाकर नष्ट कर सकता हूँ, ठण्ड के दिनों में ताप देकर ठण्ड को भगाता हूँ, इसलिए मै सभी से बड़ा हूँ|पवन देव बोला मेरे कारण सभी जीवित हैं मै सभी जीवों को प्राण वायु देता हूँ,मै बहता हूँ तभी वर्षा होती है सभी को ठंडक प्रदान कर्ता हूँ इसलिए मै सभी से बड़ा हूँ|वरुण देव बोला मै वर्षा के पानी को इकट्ठा करके रखता हूँ मै बड़ा हूँ , चंद्रमा बोला मै रात में सभी को प्रकाश के साथ-साथ शीतलता प्रदान करता हूँ मै बड़ा हूँ |यमराज बोला मै संसार में उतना ही प्राणी रखता हूँ जिससे कोई भी प्राणी को कष्ट न हो, मै बड़ा हूँ| सूर्य देव बोला मै सभी को गर्मी के साथ-साथ प्रकाश देता हूँ मै बड़ा हूँ |शनि देव बोला मेरे प्रकोप से कोई नही बाच सकता मै संसार को पल भर में नष्ट कर सकता हूँ | राहू-केतु बोले हम सूर्य-चंद्रमा को गृह सकते हैं, हम बड़े हैं|इंद्र देव् बोला मै वर्षा कर्ता हूँ तभी धरती को पानी मिलता है | मेघ देव बोला मै पानी बनकर बरसता हूँ तभी सभी को पानी मिलता है | सभी के बाते सुनकर ब्रम्हा, विष्णु, महेश बोले कोई छोटा है न कोई बड़ा सभी एक सामन है, हम सब प्राक्रतिक के सेवक है |
Posted on: May 19, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
कहाँ लागाये इतना देर तुम्हार नही आज खैर...हास्य व्यंग रचना
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडियारी एक हास्य व्यंग सुना रहे हैं:
मै जब बाहर से आया दरवाजे से आवाज लागाया-
बीबी कड़ककर बोली अन्दर से दरवाजा खोली-
कहाँ लागाये इतना देर तुम्हार नही आज खैर-
पहले उसने पोंछा लगवाई फिर बर्तन मंज्वाई-
बाद में कपडे भी धुलवाई खाना भी पकवाई-
फिर बिस्तर लगवाई सूत कर मालिश करवाई...
