वनांचल स्वर: वनों और जीव जंतुओ के संरक्षण के लिये प्रयास होना चाहिये...
ग्राम-दमकसा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से निवासी शेरसिंह आँचला बता रहे हैं कि कोयलीबेड़ा गाँव पखांजुर तहसील के अंतर्गत आता है| गाँव के पास से मेढ़की नदी गुजरती है| उसी के पास घोड़ा बेड़ा गाँव है जहाँ पर सागौन के पेड़ पाये जाते हैं| घोड़ा बेड़ा के आगे भामराकोट पहाड़ी है जहाँ पर कुरसेल जल प्रपात है जो एक सुंदर जगह है| वहां पर कई तरह के जानवर पशु, पक्षी पाये जाते थे लेकिन अब वनों की कटाई और उत्खनन आदि के कारण ये सब ख़त्म होते जा रहे हैं इसलिये इनके संरक्षण के लिये प्रयास होना चाहिये |
Posted on: Mar 08, 2021. Tags: CG KANKER SHERSINH ACHALA VANANCHAL SWARA
वनांचल स्वर: पहाड़ो पर स्थित किले और वन संपदा की जानकारी...
ग्राम-हिंदुबिना पाल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) शेर सिंह आँचला जी गुट्टा नामक गाँव है, जहां पर कटे हुए पेड़ो के अवशेष हैं, जिनको देखकर लगता है वहां बहुत सारे पेड़ होंगे। और वहां प्राचीन समय पर सभ्यता के होने का अंदेशा है। इसी की सीमा क्षेत्र में एक पहाड़ भी है, जिसे गुट्टा मुटा नाम से जाना जाता है। राजनांदगांव जो महाराष्ट्र की सीमा पर है, पूरी जगह चट्टान नुमा है। पहाड़ भी बहुत संकीर्ण है। जब हम अगस्त महीने में सांस्कृतिक समारोह में गए थे। वहां जो पहाड़ी है वहां माता का मंदिर है, मंदिर में जामे के लिए सीढ़ीनुमा रास्ता बनाया गया है। आदिवासी लोग सीधे होते हैं, लेकिन जैसे जैसे परिवर्तन हो रहा है लोग भी आपराधिक प्रवृत्ति के हो रहे हैं। पर्यटन स्थल के रूप में भी यह जगह जानी जाती है। किनारकोटा नामक जगह भी साथ में ही है, और अबूझमाड़ भी सटा हुआ है। और यहां देवी का भी मन्दिर है। (185508) GT
Posted on: Mar 05, 2021. Tags: CG KANKER SHER SINGH ACHALA VANANCHAL SWARA
पेड़ पौधे वनस्पति जल जंगल प्यारी...कविता-
ग्राम-दमकसा, जिला-कांकेर (छ्त्तीसगढ़) शेर सिंह अचला कविता सुना रहे हैं:
जन जन को मिले पर्यावरण शिक्षा-
पेड़ पौधे जल जंगल की करें रक्षा-
पशु पक्षी जीव जगत मानव हितकारी-
पेड़ पौधे वनस्पति जल जंगल प्यारी-
नव पल्लवित पेड़ पौधे-
पौधों की हरियाली से युक्त-
पेड़ पौधे वनस्पति जल जंगल प्यारी...
Posted on: Mar 03, 2021. Tags: CG KANKER POEM SHERSING ACHALA
शरद पूर्णिमा पर लिंगो जन्म दिवस जन्म दिवस मनाये...
ग्राम-बंजारी रायपुर (छत्तीसगढ़) से शेर सिंह आचला ग्राम-दमकासा जिला उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) निवासी बता रहा है दिनांक 13.10.2019 को शरद पूर्णिमा के अवसर पर लिंगो जन्म दिवस मनाया गया बताया जा रहा है उनका मानना हैं की ऐसी ही जगह पर लिंगो का हजारों वर्ष पहले अवतरण हुआ इस पृथ्वी पर वह अपने शिष्यों को कचारगढ़ से मुक्त कर कपालगढ़ मट्टा में एक गोटूल संस्थान की स्थापना किया जिसका उद्देश्य आदिवासी समुदाय एक अनुशासन एंव संगठित रहे इसी सन्दर्भ में शरद पूर्णिमा को लिंगो जन्म दिवस मनाया गया ग्राम बंजारी नया रायपुर छत्तीसगढ़ में जिसका उद्देश्य मानना है की 21वीं सदी की युवा वर्ग लोगों के लिए एक प्रेणना हो|
Posted on: Oct 17, 2019. Tags: SHER SINGH AACHLA SONG UTTARBATAR KANKER CG VICTIMS REGISTER
तोला खोजूं साथी मेहा नदिया नरवा म...छत्तीसगढ़ी गीत -
ग्राम-अमनिया, थाना-कुकदुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से श्रीराम धुर्वे के साथ में शेरसिंह धुर्वे छत्तीसगढ़ी भाषा में एक गीत सुना रहे है:
तोला खोजूं साथी मेहा नदिया नरवा म-
पहाड़ में मेहा मिलूं हो साथी-
पहाड़ मिलूं मै तोरो संग साथी-
खोज डारु मेहा तोला खोजूं मेहा साथी-
तोला खोजूं साथी मेहा नदिया नरवा म...
