चौमास के पानी परागे, जाना माना अकास हर...छत्तीसगढ़ी गीत-

ग्राम-सिंगपुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से ओमकार मरकाम एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
चौमास के पानी परागे, जाना माना अकास हर-
साउर सहित हर आगे-
जग जग ले चंदा उठे, बादर भईगे फरिहर-
खिरखी माता चारो खुटले दिखथे हरियर-हरियर-
रिगाबी ले आज अन्नपूर्णा हर-
खेतन खेत मा छागे...

Posted on: May 13, 2019. Tags: CG KABIRDHAM OMKAR MARKAM SONG VICTIMS REGISTER

2 साल से राशन कार्ड के लिये आवेदन दे रहे हैं, अधिकारी ध्यान नहीं देते मदद की अपील-

ग्राम-नौडीहा, ब्लाक-चोपन, जिला-सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) से राजेश कुमार बता रहे हैं| उनका राशन कार्ड पिछले 2 साल से नहीं बना है| 2017 से अधिकारियों के पास आवेदन कर रहे हैं| लेकिन कोई सुनवाई नही हो रही है| परिवार मे 6 सदस्य हैं| राशन कार्ड नहीं होने से हमे गैस और दूसरी सरकारी सुविधायें नहीं मिल पा रही है| इसलिये वे सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं| दिये गये नंबरों पर बात कर राशन कार्ड बनवाने में मदद करें : DM@9454417569, डीलर@9198144682. संपर्क नंबर@7607764149.

Posted on: May 13, 2019. Tags: RAJESH KUMAR RASHAN CARD SONBHADRA SONG UP VICTIMS REGISTER

कल-कल, छल-छल बहती नदी नालायें...कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
कल-कल, छल-छल बहती नदी नालायें-
कहीं उथली, कही गहरी-
कहीं समतलतायें-
कई तरह की जीव जंतू, उसके अंदर समायें-
सभी का प्यास बुझाती वह अपना जल पिलाकर-
सभी उसका आगे में रहते, ठण्डा पानी पीकर...

Posted on: May 13, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

बार-बार बिजली चमकी, कड़का बादल घोर घार...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
बार-बार बिजली चमकी, कड़का बादल घोर घार-
झूम के बरखा रानी आयी, हुआ बूंदो का बौछार-
चम-चम, चम-चम चमक रही थी, था बादल में घोर अंधकार-
बादल से बादल टकरा रहा, गिरा बनकर मूसला धार-
धरती पास बुला रही थी, आँखों में ले कर प्यार-
प्यार दुलार धरती की, दिया अपना मुसली धार...

Posted on: May 13, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

ऊपर पंखा चलता है, नीचे मामा सोता है...कविता-

ग्राम-दरभागुडा, विकासखण्ड-कोंटा, जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से आरती, मधू, गीता और प्रीती एक कविता सुना रहे हैं :
ऊपर पंखा चलता है, नीचे मामा सोता है-
सोते-सोते भूख लगी खालो बेटा मुगफली-
मुगफली में दाना नहीं हम तुम्हारे मामा नहीं-
मामा गये दिल्ली, दिल्ली से लाये संतरा-
संतरा बहोत खट्टा, मामा के चड्डी पट्टा...

Posted on: May 13, 2019. Tags: BHOLA BAGHEL CG POEM SONG SUKMA VICTIMS REGISTER

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