रायपुर की क्या शानी अपनी है राजधानी...कविता
ग्राम-देवरी, पोस्ट-थाना-चंदोरा, जिला-सूरजपुर, ( छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया कविता सुना रहा है:
अपना प्रदेश देखो कितना विशेष देखो-
आओ-आओ घुमो यहाँ खुशियाँ से झूमों-
रायपुर की क्या शानी अपनी है राजधानी-
ऊँचे-ऊँचे है मकान यहाँ की निराली शान-
कोरबा की बिजली हम सब को मिली-
देव भोग का है मान हीरे की है जहाँ खदान-
लोहे के ढलाई देखो, देखो जी भिलाई देखो...
Posted on: May 18, 2019. Tags: CG KAILASHSINGH POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
उनके मन में लोभ नहीं है, पाप नहीं, परवाह नहीं...कविता-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं :
उनके मन में लोभ नहीं है,
पाप नहीं, परवाह नहीं,
जग का सारा माल हड़प कर,
जीने की भी कोइ चाह नहीं,
जो मिलता है अपने छम से
उतना भर लेते हैं,
औरों के हित उसे छोर देते हैं...
Posted on: May 18, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
स्वास्थय स्वर: दाद,खाज,खुजली के घरेलू उपचार...
ग्राम-घोंघा, थाना-बोड्ला, जिला-कबीरधाम, (छतीसगढ़) से भगत राम लांझी दाद-खुजली के घरेलू उपचार बता रहे हैं: 5-6 इमली के बीज निकालकर उसके चूर्ण बना लें, उसके बाद नीबू के रस में मिलाकर पेस्ट बनाकर, खुजली वाले स्थान को हल्के हाथ से खुजलाकर लगातार दिन में 4-5 बार लगाने से आराम मिलता है, यह प्रयोग सभी अपने घर में कर सकते हैं, बिना कोई धन खर्च किये |भगत राम लांझी@7389964276.
Posted on: May 18, 2019. Tags: BHAGATRAM LANJHI BODLA CG HEALTH KABIRDHAM SONG VICTIMS REGISTER
पाइरियाह/मसूड़ों से खून आना का घरेलू दंतमंजन बनाने का घरेलु उपचार
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी पाइरियाह/मसूड़ों से खून आना का घरेलू दंतमंजन बनाने का घरेलु उपचार बता रहे हैं| फिटकिरी भुनी हुई 10 ग्राम, करुतोमि का भस्म 10 ग्राम, बड़ी पीपली 10 ग्राम, भिलुआ की भस्म 10 ग्राम, सेंधा नमक 20 ग्राम, काली मिर्च 20 ग्राम, बादाम फल का छिलका का पाउडर 20 ग्राम, सुपारी की भस्म 20 ग्राम| इन सबको कुटपीस कर एक डब्बे में रख ले| दिन में 2 बार ऊँगली से मंजन करे, इसे दन्त भी मजबूत होते हैं| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं: एच डी गांधी@9111061399.
Posted on: May 18, 2019. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थय स्वर: गाय के घी के औषधि उपयोग...
श्वेतगंगा, जिला-मुंगेली, (छत्तीसगढ़) से रमाकांत सोनी गाय के घी के उपयोग बता रहे हैं: गाय के घी गुणों में सबसे श्रेष्ठ है| यह नेत्र ज्योति वर्धक एवं शरीर के लिए बहुत उपयोगी है, इसके घी जितना पुराना होता है उतना ही प्रभावी गुण वाला होता है| गाये के दूध, दही, मक्खन, के उत्तम प्रभाव के करन भारतीय भोजन में अभिन्न्य है| पर्यायवरण अशुद्धि के लिए इसके घी के साथ कई औषधि मिलाकर यग्य-हवन किया जाता है, गौरतलब है कि घी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ती है,खाने के अलावा गाय के घी को पोषक और स्वास्थ्यवर्द्धक फायदों के लिए भी जाना जाता है|गाय का घी स्वादिष्ट और सुगन्धित होने के साथ-साथ वजन नियंत्रित करने के लिए बहुत उपयोगी होता है |रमाकांत सोनी@9589906028.
