माँ की आँचल सबसे सुन्दर- कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
माँ की आँचल सबसे सुन्दर,
माँ का ममता निश्चल,
माँ का लाड प्यार फूलों जैसा,
माँ की गोद फूल सी कोमल,
माँ कभी सोंचती नहीं अपने संतान के ऊपर,
सब कुछ लुटा कर भी बहती रहती वो अभिरल,
सब कुछ लुटा कर भी वो कभी नही रहती खाली,
अपने आँचल के अन्दर रखती कुछ ना कुछ बाली,

Posted on: May 21, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER

जीवन की नैया है बड़ा कमजोर, टूट न जाये लगाओ न जोड़...

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहा है:
जीवन की नैया है बड़ा कमजोर,
टूट न जाये लगाओ न जोड़,
पकड़ी कलाई, समझ कमजोर,
तोडना न सैयां, बंधा हुआ डोर,
खनकती है घुंगरू बंधी है जोड़,
टूट जाये जोड़ी, बिखर जाये ढोर...

Posted on: May 20, 2019. Tags: CG CHHATTISGARH KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

उडती है धूल हवा के संग, संग रहती है काँटा, धरी फूलों के संग-कविता

ग्राम -तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
उडती है धूल हवा के संग, संग रहती है काँटा, धरी फूलों के संग|
आंखो के काजल मांग का सिन्दूर, पास रहना सैयां या रहना दूर|
छोटी सी घाव बन जाती नासूर, जिद न करना सैयां मै हु मजबूर|
आम के डाली मै कुक रही कोयल, पिया के याद से बजती पेर के पायल|
छति है काँटा दिल के पास, तू सैयां नहीं मेरी तू सरकार...

Posted on: May 20, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

मज़ धार धार मे छोड़- गीत

ग्राम -तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक गीत सुना रहे है:
छोड़ न जाना साथी,
मज़े धार धार मे छोड़|
मै हु अनाड़ी नहीं आता तेरना,
हाथ पकड़ कर उस पार ले जाना|
छोड़ न जाना नहीं साथी,
मज़े धार धार मे छोड़|
सर के भरोसा पकड़ी मे हाथ,
चुडा न लेना अपना देकर हाथ|
छोड़ न जाना साथी, मज़े धार धार मै छोड़...

Posted on: May 19, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

बादल हा मांदर बजावत हवे बिजली के संग...कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडियारी एक कविता सुना रहा है:
झूमत हवे रुख-राई खोका हवा के संग-
बादल हा मांदर बजावत हवे बिजली के संग-
छलकत हवे नदी-नरवा कुरकुट-कचरा के संग – बही-बही जावत हवे दुल्हा अपन पीया के संग-
हरी भरी भुइयां अपन माती के संग-
बिखरे हवे खुशबु मस्त मतंग...

Posted on: May 19, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

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