जब गुस्सा में छलके दुलार प्रभु जिया...गीत-
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार गीत सुना रहे हैं :
जब गुस्सा में छलके दुलार प्रभु जिया-
भुजिया के प्यार हो गईल-
जब प्यार से जे देबे धुतकार-
चाहे गेहरा याद नहीं आवे चाहे के-
मिले लाप मन नहीं भावे – पाके देखला पे झरे ह सिंगार – मन मन देखे ला बेचैन हो गे लागब-
सपना में पर अक्बारी दारीलागब – मन हरियर हो जाई कचनार...
Posted on: Aug 03, 2019. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
रंग बिरंग फूल खिलल है, हमर बगिया में...बज्जिका गीत-
ग्राम-मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार बज्जिका भाषा में गीत सुना रहे हैं :
रंग बिरंग फूल खिलल है, हमर बगिया में-
आबा तितली रानी आबा, हमर बगिया में-
तितली रानी नाच दिखावा हमर बगिया में-
सुंदर सुंदर पंख दिखावा हमर बगिया में-
लरिका सा के मन बहलावा हमर बगिया में-
काम करे के पाठ पढ़ावा हमर बगिया में...
Posted on: Aug 02, 2019. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
राम जी चलन बनके अगरिया...विवाह गीत-
मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार) से मालती देवी एक विवाह गीत सुना रही है :
राम जी चलन बनके अगरिया-
लछुमन चलल संग साथ हो-
देव नगरिया में केऊ नहीं जानत-
राम पिया कल जाय-
एतना बचनिया जाबे-
सुन सीता गयी उचलन बवन फहराय...
Posted on: Jul 30, 2019. Tags: BIHAR KUMAR MUZAFFARPUR SONG SUNIL VICTIMS REGISTER
मेरे मन में बसे है राम...वंदना गीत-
आदर्ष कला केंद्र, मुस्थपागंग बाजार, मुजफ्फरपुर (बिहार) से राकेश कुमार एक वंदना सुना रहे हैं :
छाती चीर के हनुमान ने बता दिए श्री राम-
मेरे मन में बसे हैं राम, मेरे तन में बसे हैं राम – सिया राम मेरे राम – जिस वस्तु में राम नहीं, वह वस्तु न आये काम – राम नाम तुम रंक्त समन्दर पार गये हनुमान...
Posted on: Jul 28, 2019. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR RAKESH KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
साथी तेरी याद में रोये खुप पहाड़...कविता-
मालीघाट मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार नरेंद्र कुमार मौर्य की एक रचना सुना रहे है :
साथी तेरी याद में रोये खुप पहाड़-
कोन से अब दुःख रह करे ये बीच्चारे झाड़-
पेर पेंदे सोक में चुप चुप सा आकाश-
माटी हो गई जिन्दगी जंगल बहुत उदास...
