जेठ के महिना मा कैसन तरस खाबे आम...छत्तीसगढ़ी कविता-
ग्राम-तमनार , जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे हैं:
पंखा धुंका थे बाबा कही ये का होगे राम-
जेठ के महिना मा कैसन तरस खाबे आम-
तरे माजनिया ला देखो नीचत बेमयाय हे-
अंगत के पांव जैसन घलो उबजाये हे-
का बताओं ओकरे बजत हबे डंका-
अइसन लगा थे अइसन लेसाबा थे लंका...(AR)
Posted on: Jun 01, 2021. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH
टूट जाती है चट्टान हाँथोड़े की मार से...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
टूट जाती है चट्टान हाँथोड़े की मार से-
कट जाती है वृक्ष कुल्हाड़ी की वार से-
जम जाती हैं नदियाँ पानी की धार से-
झुक जाती हैं डालियाँ कोड़ो की भार से-
मिट जाती है तन महामारी बीमार से...(AR)
Posted on: May 30, 2021. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH
प्रभु जी से प्रेम लगाना क्या तुम्हें सहजाना ज मे...भक्ति गीत-
ग्राम-जोलगी, तहसील-भरतपुर, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से अमृतलाल यादव एक भक्ति गीत सुना रहे हैं:
प्रभु जी से प्रेम लगाना क्या तुम्हें सहजाना ज मे-
प्रेम किया था राजा मुहरत दूजे मे-
उस पर आरा चलाना क्या तुम्हें सहज मे जाना-
प्रेम किया था भक्त भेलनी ने-
राम को जूठे बैर खिलाता-
प्रभु जी से प्रेम लगाना क्या तुम्हें सहजाना ज मे...(AR)
Posted on: May 30, 2021. Tags: AMRITLAL YADAV BHAKTI SONG CG KORIA
सिल लोढ़ा कनकी कोढ़ा...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे हैं जो शंभू शर्मा की कविता है, कविता का शीर्षक है, ” सिल लोढ़ा कनकी कोढ़ा ” | अपने गीत संदेस रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं |
Posted on: May 28, 2021. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH
गाँव में कोरोना जंगल में हांथी...छत्तीसगढ़ी कोरोना गीत-
ग्राम-धुमाडाड , जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रूपलाल मरावी एक कोरोना गीत सुना रहे हैं:
गाँव में कोरोना जंगल में हांथी-
हमर गाँव में झिन अईहा संग हो साथी-
कोरोना ला सुनत रही चीन और शहर मा गा-
अब कोरोना आयेगे सूरजपुर जिला मा-
हमर गाँव में झिन अईहा संग हो साथी...(AR)
