अरे बैरन हो गई जुनईया मै कैसे करू...लोक गीत-
जबलपुर (मध्यप्रदेश) राजकुमार काछी एक लोक गीत सुना रहे हैं :
अरे बैरन हो गई जुनईया मै कैसे करू-
जिनकी बैरन सास ननदिया-
रात की बैरन या जुनईया मै कैसे करूं-
अरे बैरन हो गई जुनईया मै कैसे करू-
दिन की बैरन सास ननदिया-
रात की बैरन या जुनईया मै कैसे करूं...
Posted on: Jun 09, 2019. Tags: JABALPUR MP RAJKUMAR KACHHI SONG VICTIMS REGISTER
वर्ष 2018 में राशन कार्ड में जारी हुआ था, लेकिन आज तक नहीं मिला...मदद की अपील-
ग्राम-खजुहा कला, तहसील-जुड़, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से विजय कुमार कुसवाहा बता रहे हैं| उनका BPL राशन कार्ड सन 2018 में जारी किया गया था| लेकिन राशन कार्ड आज तक नहीं मिला| जिससे उन्हें राशन नहीं मिल पा रहा है| समस्या के निराकरण के लिये उन्होंने अधिकारियों के पास आवेदन किया| लेकिन कोई कारवाही नहीं हो रही है| इसलिये वे सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं, कि दिये गये नंबरों पर अधिकारियों से बात कर राशन कार्ड दिलाने में मदद करें : कलेक्टर कार्यालय@07662241633, कमिश्नर@07662241888. विजय कुमार कुसवाहा@7024467792.
Posted on: Jun 09, 2019. Tags: MP PROBLEM REWA SONG VICTIMS REGISTER VIJAY KUMAR KUSWAHA
अमर जवां सिपाहियों वतन तुम्हारे साथ है...देश भक्ति गीत-
जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से राजकुमार काछी एक देश भक्ति गीत सुना रहे हैं :
अमर जवां सिपाहियों वतन तुम्हारे साथ है-
वतन तुम्हारे साथ-
सूनी भष्म के नगर ये कैदियों की रानियां-
डगर-डगर पे जगमगाती फूल की कहानियां-
जो जिंदगी बसाये हो पवन तुम्हारे पास है-
अमर जवां सिपाहियों वतन तुम्हारे साथ है-
वतन तुम्हारे साथ...
Posted on: Jun 09, 2019. Tags: MP RAJKUMAR KACHHI REWA SONG VICTIMS REGISTER
बिती जात उमरिया धीरे-धीरे... बुंदेली लोक गीत-
जबलपुर (मध्यप्रदेश) से राजकुमार काछी एक बुंदेली लोक गीत सुना रहे हैं :
बिती जात उमरिया धीरे-धीरे-
बाल पान लडकन संग खेले-
पुतरा और पुतरिया कि धीरे-धीरे-
बिती जात उमरिया धीरे-धीरे...
Posted on: Jun 08, 2019. Tags: JABALPUR MP RAJKUMAR KACHHI SONG VICTIMS REGISTER
बिना राम रघुनंदन अपनो कोउ नईया रे...भजन गीत-
जबलपुर (मध्यप्रदेश) से राजकुमार काछी एक भजन गीत सुना रहे हैं :
कोयलिया बोली रे, अमवा के डार अपनो कोई नईया रे-
बिना राम रघुनंदन अपनो कोउ नईया रे-
बाग लगाये बगीचा लगाये और लगाये केला रे बालम-
जिस दिन राम प्राण निकल गयो रह गयो चांम अकेला-
अपना कोई नहींआ रे-
बिना राम रघुनंदन अपना कोई नहींआ,
कोयलिया बोली रे...
