कैसी हो गई हैं गोंडी रे समाज...गीत-
सीजीनेट के साथी रावेन्द्रसाय उइके एक गीत सुना र आहे हैं, जिसे सादी के समय गया जाता है :
कैसी हो गई हैं गोंडी रे समाज-
धरम अपनो भूल गये-
मात पिता की रे सेवा भुला गये-
सो भूले हैं सेवा रे जोहारे-
धरम अपनो भूल गये-
कैसी हो गई हैं गोंडी रे समाज...
Posted on: Aug 22, 2019. Tags: RAVENDRASAI UIKEY SONG VICTIMS REGISTER
अरे कान्हा आओ मधुबन में...गीत-
ग्राम-साहपुर, पोस्ट-त्योथर, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से विनीत कुमार यादव एक गीत सुना रहे हैं :
अरे कान्हा आओ मधुबन में-
राधा तेरी राह तके-
कब आओगे ओ बनवारी-
मुरली मधुर बजाओगे-
कान्हा आओ मधुबन में-
राधा तेरी राह तके...
Posted on: Aug 22, 2019. Tags: MP REWA SONG VICTIMS REGISTER VINIT KUMAR YADAV
आवास बने 1 साल हो चुके हैं, क़िस्त का पैसा नहीं मिला है...मदद की अपील-
ग्राम-नवलपुर, पंचायत-करकुटी, ब्लाक-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से बाबूजी कश्यप बता रहे हैं| उनके नाम से आवास आय था| जिसका बचा हुआ, क़िस्त का पैसा नहीं आया था | जिसके कारण मजदूरी का भुगतान अपने खर्च से करना पड़ा है| उनका आवास बने 1 साल हो चुके हैं| लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है| इसलिये वे सीजीनेट के साथियों से निवेदन कर रहे हैं| कि दिये नंबरों पर बात कर 15,000 रुपये मजदूरी का पैसा दिलाने में मदद करें : मुख्य कार्यपालन अधिकारी@7974539283, सचिव@8319568146. संपर्क नंबर@8889397012.
Posted on: Aug 22, 2019. Tags: CG MUNGELI NARESH BUNKAR PROBLEM SONG VICTIMS REGISTER
श्याम तुमसे मिलने का सत्संग ही बहाना है...गीत-
ग्राम-अलका, पोस्ट-चलगली, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से सुरेश कुमार अपने साथियों के साथ एक गीत सुना रहे हैं :
श्याम तुमसे मिलने का सत्संग ही बहाना है-
दुनिया वाले क्या जाने मेरा रिश्ता पुराना है-
जब से तेरी लगन लगी दिल हुआ दीवाना है-
सूरज में ढूँढा तुझे, चंदा में पाया है-
तारो की झिलमिल में मेरे श्याम का बेसरा है-
श्याम तुमसे मिलने का सत्संग ही बहाना है...
Posted on: Aug 22, 2019. Tags: BALRAMPUR CG SONG SURESH KUMAR VICTIMS REGISTER
परदेसिया के नारी सदा सुखिया परदेसिया...होली गीत-
ग्राम-मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक होली गीत सुना रहे हैं:
परदेसिया के नारी सदा सुखिया परदेसिया-
चार महिना के गर्मी लगत है-
कहिया ला सूत के डोलके बेनिया-
चार महीना बूंद परत है-
कहिया न सूत के खेला के बंगला-
चार महीना जार लगत है...
