है नमच के बात बच्चों...बाल गीत-
बैकुंठपुर, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से पूनम देवांगन एक बालगीत सुना रही हैं :
है नमच के बात-
दो छोटे हाथ मारे दिनभर काम करती है-
जब रात में थक जाती है तो सो जाती है-
दो छोटे पैर मारे दिनभर चला करती है-
जब रात में थक जाती है तो सो जाती है...
Posted on: Jun 15, 2020. Tags: CG CHILDREN KOREA PUNAM DEVANGAN SONG VICTIMS REGISTER
Impact : लॉकडाउन में भोजन की समस्या हो रही थी, सन्देश रिकॉर्ड करने के बाद राशन मिल गया...
बाबूलाल नेटी के साथ पोड़ीखुर्द, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) के रहने वाले नीलसिंह जी बता रहे हैं, वह जिला-रंगारेड्डी (तेलंगाना) में लॉकडाउन में फंसे हुए है, जिसके कारण लॉकडाउन में खाने को लेकर समस्या हो रही थी, तो उन्होंने मदद के लिए सीजीनेट में एक सन्देश रिकॉर्ड किया |जिसके दो दिन बाद राशन मिल गया है | इसलिए साथी सीजीनेट के साथियो को और अधिकारियो को धन्यवाद दे रहे है, जिन्होंने उनकी मदद की : संपर्क नंबर-नीलसिंह@7898022088. (164978) NP
Posted on: Jun 15, 2020. Tags: CORONA IMPACT NEELSINGH TELANGANA
रीलो रेलोले तोया वया,जामिया रेलोले मायूरी एलो....माडिया भाषा में शादी गीत
नगर पंचायत-भामरागड जिला-गडचिरोली महाराष्ट्र से रूपी और सिधु माडिया भाषा में एक शादी गीत सुना रहे हैं:
रीलो रेलोले तोया वया-
जामिया रेलोले मायूरी एलो-
बाई रेलोले तोया वया-
जामिया रेलोले बाईरी एलो-
बाई रेलोले तोया वया-
रीलो रेलोले तोया वया CS
Posted on: Jun 15, 2020. Tags: BHAMRAGAD GADCHIROLI MH GONDI MADIA MARRIAGE SONG
शिव समान दाता नहीं विपत विदारन हार...दोहा-
ग्राम पंचायत-चाँदरानी, जिला-डिंडौरी (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार अहिरवार संत देवी भाई रमेश सिंह से एक गीत सुनवा रहे हैं :
शिव समान दाता नहीं विपत विदारन हार-
लज्जा जिनकी रखियो राखिययो बरदा के असवार-
ओम सिद्धेश्वर धाम की है महिमा निराला-
कैलास वाले ने जब डेरा डाला...
Posted on: Jun 15, 2020. Tags: DINDORI MP SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
घर बनाने का काम करते हैं, इस काम को सीखने के बाद रोजगार की समस्या नहीं है...
भामरागढ़, जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से शिवकुमार सिंह बल्लो बता रहे हैं वे मजदूरी का काम करते हैं, घर बनाने के लिये ईंट को जोड़ने का काम करते हैं, 7 साल से इस काम को कर रहे हैं, ये उनके जीवन यापन का साधन है, एक दिन में वे 500 रुपये कमाते हैं, इस प्रकार से वे इस काम को सीखकर अपने इलाके में रहकर काम करते हैं और परिवार का पालन पोषण करते हैं उन्हें काम के लिये बाहर जाने की जरुरत नहीं होती है|
