मौसम अच्छा रहने पर पर्याप्त उपज मिल जाता है...किसान अजय चंद्राकर-
कोदवा, जिला-बेमेतरा (छत्तीसगढ़) से अजय कुमार चंद्राकर बता रहे हैं| वे खेती का काम करते हैं| अभी वे खेती की तैयारी में लगे हैं| मौषम का इंतजार कर हैं| खेती में धान, गेंहू, सोयाबीन, अरहर, उड़द उगाते | दस एकड़ में खेती करते हैं| पहले सोयाबीन की बुवाई करते है, उसके बाद धान का बीज लगाते हैं| सब कुछ अच्छा होने पर 7 से 8 क्विंटल तक सोयाबीन का उत्पादन हो जाता है| और मुगफली 20 से 30 बोरी तक उत्पादन हो जाता है| संपर्क नंबर@9131081484.
Posted on: Jun 18, 2019. Tags: AGRICULTURE BEMETARA CG SONG TIRATHRAM SAHU VICTIMS REGISTER
यसमी केले नोनियो गो...गीत-
ग्राम-सिताकुंता, ब्लाक-आशा पुरम, जिला-भद्रादी कोठागुडम (तेलंगाना) कुलजय राजम्मा और कोट्टम मसमी एक गीत सुना रहे हैं :
यसमी केले नोनियो गो-
मईना से दुलुस्पा रंबढा नोनी यो गो-
अन्दे रिजिरा से-
यसमी केले नोनियो गो-
मईना से दुलुस्पा रंबढा नोनी यो गो-
अन्दे रिजिरा से...
Posted on: Jun 18, 2019. Tags: BHADRADI KOTHAGUDAM GONDI HIRESH MADAVI SONG
रोई दादा पतना ते तेरी जावै रे मनवा भाया...गीत-
ग्राम-सुगासर्वा, पंचायत-बरवेनगर, प्रखण्ड-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखण्ड) से फ्रांसिस किंडो और पीटर किंडो कुडुक भषा में एक गीत सुना रहे हैं :
रोई दादा पतना ते तेरी जावै रे मनवा भाया-
है जावै माँ तो वारी डेरा का-
हा भय भईया अवय माँ तो वारी वसा कामाय-
से मनवा पिये लगाये हांरी के दारू-
हरे सना लोटा में लोटी गयले-
डोली के डूबी गयले...
Posted on: Jun 18, 2019. Tags: ANKIT PADWAR GUMLA JHARKHAND SONG VICTIMS REGISTER
लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती...कविता-
ग्राम पंचायत-खजूरी, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से राजू पैकरा एक कविता सुना रहे हैं :
लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती-
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती-
नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है-
चढ़ती दीवारों पर सौ सौ बार फिसलती है-
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है-
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना नहीं अखरता है...
Posted on: Jun 18, 2019. Tags: CG POEM SHYAM SAI PAIKARA SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
नानी खाये पान लाल चूसे आमा खालसा...कविता-
ग्राम पंचायत-खजूरी, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से राजू पैकरा, संदीप पैकरा, धानू पैकरा और सुमित एक कविता सुना रहे हैं :
नानी खाये पान लाल चूसे आमा खालसा-
लड़की गाती बुईयाँ गाना-
रखे सरोता सुनते नना-
मनु का सुनो जोहर-
कमल खिले सुंदर हार-
