जम्पा के जमती फहारे पाके ली...गीत-
ग्राम पंचायत-धूमाडांड भगतपरा, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रूपलाल मरावी एक गंगा दशहरा गीत सुना रहे हैं :
जम्पा के जमती फहारे पाके ली-
प्रभू मिरोमा-
गंगा माई लहर देहे रे-
जम्मो सीजीनेट सुनईया मन-
अपन आदिवासी परंपरा ददरिया उधवा ला-
गावा सीजीनेट हर तोर लेहे रोजीना संदेश रिकॉर्ड करा मिरुमा...
Posted on: Aug 01, 2019. Tags: CG ROOPLAL MARAVI SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
मेरा मुल्क मेरा देश मेरा ये वतन...देश भक्ति गीत-
ग्राम-भेडागढ़, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम से विद्या नायक सावन के महीने में एक शिव भजन सुना रही हैं:
मेरा मुल्क मेरा देश मेरा ये वतन-
शांति का उन्नति का प्यार का चमन-
इसके वास्ते निसार है मेरा तन मेरा मन-
ए वतन, ए वतन, ए वतन-
जानेमन, जानेमन, जानेमन-
इसकी मिट्टी से बने तेरे मेरे ये बदन...
Posted on: Aug 01, 2019. Tags: CG KABIRDHAM SONG VICTIMS REGISTER VIDYA NAYAK
लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती...कविता-
ग्राम-पोलमी, जनपद-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से चतुरराम साहू एक कविता सुना रहे हैं :
लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती-
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती-
नन्ही चीटी जब दाना लेकर चलती है-
चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है-
मन का विश्वाश रगों मे साहस भरता है-
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है...
Posted on: Aug 01, 2019. Tags: CG CHATURRAM SAHU KABIRDHAM POEM SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : गैस और कब्ज की समस्या से निजात पाने का घरेलू नुस्खा-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी गैस और कब्ज की समस्या से निजात पाने का घरेलू नुस्खा बता रहे हैं| त्रिफला 100 ग्राम, छोटी हरण भुनी हुई 100 ग्राम, करेले का चूर्ण 100 ग्राम, अजवईन भुनी हुई 100 ग्राम, काला नमक 10 ग्राम, सेंधा नमक 10 लें| सभी को साफकर पीसकर चूर्ण बना लें| एक-एक चम्मच चूर्ण भोजन के बाद सुबह शाम सेवन करने से लाभ हो सकता है| मिर्च, मसाला, तेल, खटाई, नमक, शक्कर का प्रयोग काम करें| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : एच डी गांधी@9111061399.
Posted on: Aug 01, 2019. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
सर्पो का हार पहने भष्म लगी अंग में...शिव भजन-
ग्राम-भेडागढ़, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम से विद्या नायक एक शिव भजन सुना रही हैं:
सर्पो का हार पहने भष्म लगी अंग में-
बन के बाराती चले भूत प्रेत संग में-
शिव की सिंगार का मजा लीजियेगा-
माथे पे चंद्र सोहे भंग की उमंग है-
मृग छाला तन पे सोहे, जटा बीच गंग है-
डमरू के नाच का मजा लीजियेगा...
