औरतें उठी नहीं तो जुल्म बढता जाएगा...महिला सशक्तिकरण गीत
बहनी दरबार, ग्राम-डभौरा, जिला-रीवा, मध्यप्रदेश से उषा महिला सशक्तिकरण पर एक गीत प्रस्तुत कर रही हैं:
औरतें उठी नहीं तो जुल्म बढता जाएगा-
जुल्म करने वाला सीना जोर बनता जाएगा-
देखो इन महिलाओ को जो आ गईं सामने-
इनके संग मिल जाओ तो सैलाब रुक ना पाएगा-
दिल में जो डर का किला है तोड़ दो अन्दर से तुम-
एक ही धक्के में यह अपने आप ही ढह जाएगा-
आओ मिलकर हम बढ़ें-पढ़ें अधिकार अपने छीन लें-
काफिला अब चल पड़ा है अब ना रोका जाएगा-
औरतें उठी नहीं तो जुल्म बढता जाएगा...
Posted on: Aug 11, 2015. Tags: SONG Usha Rewa VICTIMS REGISTER
जब बन ही गया बहनों का संगठन, इसको मजबूत करने का वादा करें...
बहिनी दरबार,रीवा, मध्यप्रदेश से उषा जी महिला सशक्तिकरण पर आधारित एक गीत प्रस्तुत कर रही हैं :
जब बन ही गया बहनों का संगठन, इसको मजबूत करने का वादा करें-
चार दिन की सहेली सहेली नहीं, उम्र भर साथ देने का वादा करें-
औरतों के सवालों पर आकर सभी, खूब चर्चा चलाने का वादा करें-
औरतों के लिए कुछ भी मुस्किल नहीं, ऐसी हिम्मत जगाने का वादा करें-
दुःख कोई बहन पर अगर आ पड़े, प्यार की छांव देने का वादा करें-
जब बन ही गया बहनों का संगठन, इसको मजबूत करने का वादा करें...
Posted on: Jul 19, 2015. Tags: SONG Usha Rewa VICTIMS REGISTER
कजली खेलेले जनक दुलारी,नईहर दुलम होइहैं न...बघेलखंडी कजली गीत
बहिनी दरबार जिला रीवा,मध्यप्रदेश से उषा जी एक कजली गीत गा रही है, गीत में एक सखी दूसरी सखी से कह रही है कि यही पर कजली खेल ले नहीं तो ससुराल में खेलना मुश्किल हो जाएगा :
कजली खेलेले जनक दुलारी,नईहर दुलम होइहैं न
दुइ सखिया मिल जेमना बनायो,जेमले सखिया जेमना
नईहर दुलम होइहैं न...
दुइ रे सखिया जल भर लायौ,घुटले सखिया
नईहर दुलम होइहैं न...
दुइ रे सखिया मिल फूला बिन लायो,सुतले फुलवा मोरे सखिया
नईहर दुलम होइहैं न...
कजली खेलेले जनक दुलारी,नईहर दुलम होइहैं न
Posted on: Aug 13, 2014. Tags: SONG Usha Yadav VICTIMS REGISTER
छोटी -मोटी कारी बदरिया, बरसइ बड़ी बूंदन हो...बघेलखंडी सोहर गीत
उषा, बहिनी दरबार, डभौरा, जिला रीवा मध्य प्रदेश से बता रही हैं कि उनकी बहन मंजू को लड़का पैदा हुआ है . उसी ख़ुशी में सोहर गा रही हैं . सोहर उत्तर भारत में बच्चा पैदा होने पर ही गाया जाता है:
छोटी -मोटी कारी बदरिया
बरसइ बड़ी बूंदन, बरसइ बड़ी बूंदन हो
हो रामा सइयां पड़े हैं महलिया
भीतर चले आवईं, भीतर चले आवईं हो
छोटी -मोटी कारी बदरिया...
मां एक पाँव धरिहीं अंगनवां
दूसर पाँव डहरिया, दूसर पाँव डहरिया हो
तीसरे में जुड़ा है, अपने पलंगिया
पलंगिया मोरे डोलईं हो
छोटी -मोटी कारी बदरिया...
Posted on: Aug 03, 2014. Tags: SONG Usha Yadav VICTIMS REGISTER
पुरुवा-पछिउना से उठी रे बदरिया, बरसै लागै ना...बघेलखंडी कजली गीत
ग्राम-डभौरा, जिला-रींवा, (म.प्र.) से बहिनी दरबार से ऊषा बघेली भाषा में एक कजली गीत गा रही हैं. ये गीत सावन के माह में गाया जाता है:
पुरुवा-पछिउना से उठी रे बदरिया, बरसै लागै ना
ऊहै नान्ही-नान्ही बुंदिया, बरसै लागै ना
पुरुब-पछिउना...
अपने महलिया से ससुरू निहारैं, भीजति आवै ना
मोरी पतली पतोहिया, भीजति आवै ना
अपने महलिया से जेठ जी निहारैं, भीजति आवै ना
मोरी पतली भयहुआ, भीजति आवै ना
अपने महलिया से देवरा निहारैं, भीजति आवै ना
मोरी पतली भउजइया, भीजति आवै ना
पुरुवा-पछिउना से उठी रे बदरिया............
अपने महलिया से पिया जी निहारैं, आवत होइहीं ना
मोरी पतली निधनियां, भीजति होइहीं ना
पुरुब-पछिउना से उठी रे बदरिया, बरसै लागै ना
ऊहै नान्ही-नान्ही बुंदिया, बरसै लागै ना
