अरे दादा रे घर छुटी गेले, हमर घर टूटी गेली...पहाड़ी कोरवा गीत -

ग्राम-सल्केता, पंचायत-गिद्कालो, तहसील-धरमजयगढ़, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से पहाड़ी कोरवा साथी आमरू गाँव में हाथियों द्वारा फसल-घर बर्बाद कर दिए जाते है उसको लेकर एक गीत सुना रहे है :
अरे दादा रे घर छुटी गेले, हमर घर टूटी गेली-
हाय रे हाथी हाय रे साथी-
हाय रे दय्या हाय जमाना रुआवत है-
हमर भी छुटी गेली, हमर घर छुटी गेली-
कहा ले हाथी अवाली, हमर घर तोड़ी देअली...

Posted on: May 20, 2017. Tags: SARLA SHRIVAS SONG VICTIMS REGISTER

निन्यानवे का चक्कर...कहानी -

बालाघाट, (मध्यप्रदेश) से सरला श्रीवास ९९ के चक्कर की कहानी सुना रही है, जाड़ा के दिन थे ओंस पड़नी कम हो गई थी, महुआ के सुन्दर-सुन्दर पीले फूल टपकने लगे, ममता और कलावती महुए के फूल बीनने लगी और दुकान में बेचने लगी, ममता महुआ से मिले पैसे को फालतू खर्च करने लगी, कलावती फिजूलखर्च नही करती थी, एक दिन ममता ने कलावती से कहा तुम मुझसे अधिक महुआ संग्रह करती हो और खर्च नही करती हो, तब कलावती ने कहा मैं 99 को 100 बनाने के चक्कर में लगी हूँ तब ममता ने पूछा यह क्या है, तब बताया मेरा पहले ही दिन का महुआ 99 में बिका तभी दुकानदार ने कहा 1 रूपये का महुआ और ले आवों मैं तुम्हे 100 का नोट दूंगा उसी दिन से 99 को 100 बनाने के चक्कर में लगी हूँ, तभी ममता को भी समझ में आया पैसे बचाना चाहिए उस दिन से ममता भी 99 के चक्कर में लग गई |

Posted on: May 19, 2017. Tags: SARLA SHRIWAS SONG VICTIMS REGISTER

सब कुछ तजके, द्वार पर तेरे, मै आया मेरे रामजी हो...गीत

वार्ड 42, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से मधु श्रीवास्तव एक गीत सुना रही है :
सब कुछ तजके, द्वार पर तेरे, मै आया मेरे रामजी हो-
अब दर्शन दिखा दो मेरे रामजी, मुझको मुझसे मिला दो मेरे रामजी-
सब कुछ तजके, द्वार पर तेरे, मै आया मेरे रामजी हो-
रूप की माया ज़ाल में उलझा, हर मुर्ख इन्सान-
रूप की माया ज़ाल को तोड़कर, दे दो ज्ञान प्रकाश-
सबको रोशनी दिला दो, मेरे रामजी हो...

Posted on: May 10, 2017. Tags: MADHU SHRIVASTAV SONG VICTIMS REGISTER

किसी के काम जो आए, उसे इंसान कहते है...प्रेरणा गीत

ग्राम-राम्हेपुर, जिला-बालाघाट, (मध्य प्रदेश) से
सरला श्रीवास एक गीत सुना रही है:
किसी के काम जो आए, उसे इंसान कहते है-
पराया दर्द जो अपनाए, उसे इन्सान कहते है-
कभी धनवान है कितना, कभी इन्सान निर्धन है-
कही सुख है, कही दुःख है, इसी का नाम जीवन है-
जो मुश्किल में ना घबराए, उसे इन्सान कहते है-
किसी के काम जो आए, उसे इंसान कहते है-
ये दुनिया एक उलझन है, कही धोका, कही ठोकर-
कोई हँस के जीता है, कोई जीता है रों रों कर-
जो गिरकर फिर सँभल जाए, उसे इन्सान कहते है-
किसी के काम जो आए, उसे इंसान कहते है...

Posted on: Apr 01, 2017. Tags: SARLA SHRIWAS SONG VICTIMS REGISTER

बचपन में माई, काहे कर दी सगाई, मोरी सुनले दुहाई, मेरी माई रे...गीत

ग्राम-राम्हेपुर, तहसील-बैहर, जिला-बालाघाट (मध्यप्रदेश) से सरला श्रीवास गीत सुना रही है गीत के माध्यम से बेटी अपनी माँ से पूछ रही है कि बचपन में ही मेरी सगाई क्यों कर दी:
बचपन में माई, काहे कर दी सगाई-
मोरी सुनले दुहाई, मेरी माई रे-
थोड़ी हुई सयानी, छिन ली हाथों से गुड़िया-
चूल्हे चोका, बर्तन तकिया सिमटी मेरी दुनिया-
बैरन भोजाई आग, कैसी लगाई-
मोहे आई रुलाई, मोहे माई रे-
मोरी सुनले दुहाई, मेरी माई रे-
छोटा भय्या जब जाए मदरसा, मै मन मन में रोऊ-
उमर पड़ाई की है फिर भी, घर में बर्तन धोऊ-
चोखट पे माई, लक्ष्मण रेखा बनाई-
कैसे लाघु ये खाई, मोरी माई रे-
मोहे आई रुलाई, मोहे माई रे-
कर दी अगर सगाई, लेकिन शादी जल्दी मत करना...

Posted on: Mar 29, 2017. Tags: SARLA SHRIWAS SONG VICTIMS REGISTER

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