उत्तर दक्षिण पूरब पक्षिम, प्रमुख दिशाएं हैं चार, पर दसो दिशाओं में मचा हुआ है हाहाकार...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
उत्तर दक्षिण पूरब पक्षिम, प्रमुख दिशाएं हैं चार-
पर दसो दिशाओं में मचा हुआ है हाहाकार-
सुकून ढूंढने को निकला, सुकून तो दुनिया से है काफूर-
थका मांदा आशियाना आया तो देखा कलह का बजता नुपूर-
कानो को दबाकर वहां से निकला तो बाहर मारपीट अफरा तफरी-
उत्तर में गया नक्सलियों का दबदबा-
दक्षिण में गया तो आतंकवादियों का बोल बाला...
Posted on: Aug 28, 2018. Tags: CHHATTISGARH KANHIYALAL PADIYAI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
हाय रे कोयलारी जाबो जी...छत्तीसगढ़ी गीत
ग्राम-कोटया, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
हाय रे कोयलारी जाबो जी-
रूपया कमाए बर-
हाय रे कोयलारी जाबो गा-
रूपया कमाए बर-
कोयलारी जाबो जी-
कोने हर मुड-मुडावे – कोने हर दाढ़ी-
कोने हर छता ले बंगाली – कोयलारी जाबो गा-
रुपया कमाए बर कोयलारी जाबो जी...
Posted on: Aug 28, 2018. Tags: CG CHHATTISGARHI SONG MEWALAL DEVANGAN SURAJPUR
पैसा पास होता तो चार चने लाते, चार में से एक चना तोते को खिलाते...बाल कविता
ग्राम-पेनकोड़ो, तहसील-कोइलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से रितिका गावड़े, रेशमा एक्का और मनीषा कडेयाम एक कविता सुना रहे हैं :
पैसा पास होता तो चार चने लाते-
चार में से एक चना तोते को खिलाते-
तोते को खिलाते तो टाँव-टाँव गाता-
टाँव-टाँव गाता तो बड़ा मजा आता-
चार में से एक चना घोड़े को खिलाते-
घोड़े को खिलाते तो पीठ पर बिठाता...
Posted on: Aug 28, 2018. Tags: CHHATTISGARH KANKER POEM RITIKA GAWDE SAPANA WATTI SONG VICTIMS REGISTER
गोठ सुने बर परथे...छत्तीसगढ़ी कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडिहारी एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे हैं:
गोठ सुने बर परथे-
नइच करन नौकरी संगी-
हमन नइच करन नौकरी संगी-
नौकरी जैसी नीच कौनो नहीं है-
हमन नइच करन नौकरी संगी-
खेती करबो पाती करबो-
करबो छोट-मोट व्यापार-
पथरा फोडबो, माटी कोड्बो-
आनी बानी के है औ बुता काम-
नौकरी करके हमन नइच बनन काकोरो कुकुर...
Posted on: Aug 28, 2018. Tags: CG CHHATTISGARHI KANAHIYA LAL PADIHARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
आया मोचो दंतेश्वरी बुआ बयरमहाय...हल्बी गीत-
ग्राम-भोगाम, विकासखण्ड-दंतेवाडा, जिला-दंतेवाडा (छत्तीसगढ़) से तीजवती हल्बी भाषा में एक गीत सुना रही है:
आया मोचो दंतेश्वरी बुआ बयरमहाय-
बायदन कर बैन इंद्रावती सुंदर मोचो तुमके शरण-शरण हाय-
मै आय बस्तर जिला चो आदिवासी पीला-
बैलाडीला-बैलाडीला, बैलाडीला-बैलाडीला-
डका देईसे बारी उजर मोचो बस्तर कितलो सुंदर-
मछरी, चिरई आनी-बानी सयान सजन बड़ नानी...

