चल पुटू बिने जाबो गोया किसिम-किसिम के पुटू फुटथे...छत्तीसगढ़ी कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक छत्तीसगढ़ कविता सुना रहे हैं :
चल पुटू बिने जाबो गोया किसिम-किसिम के पुटू फुटथे-
खोजी बिनी ले आबो गोया चल पुटू बिने जाबो-
गिरे हवे पानी भीगे हवे टिकरा फुटत हवे पुटू-
खोजी बिनी ले आबो चल पुटू बिने जबों-
गोहिया पुटू चिरकों पुटू सुवा मुंडा पटियारी-
चल पुटू बिने जाबो गोया किसिम-किसिम के पुटू फुटथे...

Posted on: Aug 17, 2018. Tags: CHHATTISGARHI POEM KANHAIYALAL PADIHAYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

फूलों से नित हँसना सीखो, भौरों से नित गाना...कविता

ग्राम-सालकट्टा, पंचायत-गोंडदिनापाल, विकासखण्ड-अंतागढ, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से फातिमा विनीता एक कविता सुना रही हैं:
फूलों से नित हँसना सीखो, भौरों से नित गाना-
तरु की झुकी डालियों से नित सीखो-
शीश झुकाना, सीख हवा के झोको से लो-
कोमल भाव बहाना, दूध तथा पानी से सीखो-
मिलना ओर मिलाना,सूरज की किरणों-
से सीखो जगना ओर जगाना-
लता और पेड़ो से सीखो सबको गले लगाना...

Posted on: Aug 17, 2018. Tags: FATIMA HINDI POEM KANKER CG SONG VICTIMS REGISTER VINEETA

पीपल की ऊँची डाली पर बेठी चिड़िया गाती है...बाल कविता

ग्राम-मेंढारी, पोस्ट-करमडीहा, तहसील-वाड्रफनगर, थाना-बसंतपुर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से अंजनी नेटी एक कविता सुना रही है:
पीपल कि ऊँची डाली पर बेठी चिड़िया गाती है-
तुम्हे याद अपनी बोली में क्या सन्देश सुनाती है-
चिड़िया बेठी प्रेम प्रीत की रीत हमें सिखलाती है-
वह जग के बंधी मानव को मुक्त मन्त्र बतलाती है-
सब मिल जुलकर रहते है वे सब मिल झूल कर खाते है-
आसमान ही उनका घर है जहाँ चाहते जाते है-
रहते जहाँ वही अपना घर बसाते है...

Posted on: Aug 16, 2018. Tags: ANJNI NETI BALRAMPUR CHHATTISGARH HINDI POEM SONG VICTIMS REGISTER

किसिम किसिम के नवा-नवा धान, वोला खाके गवाबो प्राण...छत्तीसगढ़ी कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे हैं :
किसिम किसिम के नवा-नवा धान, वोला खाके गवाबो प्राण-
लुचाई गुरमटिया बछा भोग, ये जम्मो ला लागिस रोग-
भाठा दुबराज लक्ष्मिभोग, येमन ला छोड़ेन आज के लोग-
सफरी, भाठा सफरी, जौफूल ओला हमन गए हन भूल-
तुलसी फूल, तुलसी गुरमंजरी गुरमटिया
बुडहा, बूढी, कोड़ा सिराकार, वोला ले गईस पलरिया बुखार...

Posted on: Aug 16, 2018. Tags: CHHATTISGARHI KANHIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH CHHATTISGARH SONG VICTIMS REGISTER

पहले कहती है बहू, मै तुमसे एक बात कहूं, मै जब तक घर में रहूं...कविता-

ग्राम सिवनी, ब्लाक-मरवाही, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से कामता प्रसाद शर्मा एक कविता “घर की बात” सुना रहे है:
पहले कहती है बहू, मै तुमसे एक बात कहूं, मै जब तक घर में रहूं-
तुम एक काम किया करो, मेरे सामने अपनी सास से मत लड़ा करो-
जब तुम लोग लड़ती हो, एक दूसरे को भला बुरा कहती हो-
मै घबरा जाता हूँ, रोकना चाहता हूँ पर रोक नही पाता हूँ-
वो तुम्हारी सास है लड़ाई में पास है-
ये जब से आई है इसका काम लड़ाई है...

Posted on: Aug 16, 2018. Tags: BILASPUR CHHATTISGARH KAMATA PRASAD SHARMA POEM SONG VICTIMS REGISTER

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