तै आजावे मैना उड़त-उड़त तै आजावे...गीत-
ग्राम-कोटया, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक गीत सुना रहे हैं:
तै आजावे मैना उड़त-उड़त तै आजावे-
कुआं मेरे संगी संझा के बेरा कुआंपार में-
आमा ला टोरे खाऊँ जी कहि के तै हा दगा-
में बलाय आहूँ जी कहिके कुआंपार मेरे संगी-
एक पेड़ आमा छत्तीस पेड़ जाम मधुवन के-
चिरईयां बोला थे राम-राम कुआंपार मेरे संगी-
तै आजावे मैना उड़त-उड़त तै आजावे...
Posted on: Dec 10, 2019. Tags: CG MEWALAL DEWANGAN SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
भचा बखानों मय बीरा हनुमाना...गीत-
ग्राम-कोटया, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सुरजपुर (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक गीत सुना रहे है:
भचा बखानों मय बीरा हनुमाना-
जा भचा ले लाना सजूवन गछा-
सजूवन गछा ला चीन्ही ना पायें-
बोटे पर बोतल ला लानी मढ़ाये-
राम जी ला पूछें रवाना काहें भोरें-
भचा बखानों मय बीरा हनुमाना...
Posted on: Dec 10, 2019. Tags: CG MEWALAL DEVANGAN SONG VICTIMS REGISTER
हाथ मा तिरंगा लीहे शीश पर मह ताज हो....देश भक्ति गीत-
जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से बृजेश कुमार एक देश भक्ति गीत सुना रहे हैं:
हाथ मा तिरंगा लीहे शीश पर मह ताज हो की-
भारती मुस्कात आ माँ सिंह पर सवार हो की-
फेर लाया काश्मीर त्रिपुडाया शम्य्य राजस्थान-
हो किसी भारती का सिर झुकामय पा के हिंदुस्तान-
हो हाथ मा बन्दूक लिहे सिंह की जवान हो की देश-
के सपूत हमरे देश को कुर्बान हो-
हाथ मा तिरंगा लीहे शीश पर मह ताज हो की...
Posted on: Dec 10, 2019. Tags: BRIJESH KUMAR MP REWA SONG VICTIMS REGISTER
2015 से सड़क के लिये आवेदन कर रहे हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है...
ग्राम पंचायत-गौरदंड, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से तुलसीराम नाग बता रहे हैं कि डोंगर से गौरदंड पंचायत तक सडक की समस्या है| जिसे बनवाने के लिये वे 2015 से प्रयास कर रहे हैं, बरसात के दिनों में लोग को आने जाने में बहुत परेशानी होती है, वाहन नहीं निकल पाते| लेकिन अधिकारी समस्या के निराकरण के लिये कोई कारवाही नहीं कर रहे हैं इसलिये वे सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं कि दिये गये नंबरों पर बात कर सड़क बनवाने में मदद करें: सरपंच@7587829467, सचिव@9406361758, मुंसी@9424217945, CEO@9425263888, कलेक्टर@9425205669. संपर्क नंबर/उपसरपंच@9407342099.
Posted on: Dec 10, 2019. Tags: CG NARAYANPUR PROBLEM SONG TULSIRAM NAAG VICTIMS REGISTER
10 दिसंबर वीर नारायण शहादत दिवस-
सोनाखान का प्राचीन नाम सिंघगढ़ था। जहां पर वीर नारायण सिंह का जन्म हुआ| कुर्रूपाट डोंगरी में युवराज नारायण सिंह के वीरगाथा का जिन्दा इतिहास दफन है। युवराज नारायण सिंह के पास एक घोड़ा था जो कि स्वामीभक्त था। वे घोड़े पर सवार होकर अपने रियासत का भ्रमण किया करत थे। भ्रमण के दौरान एक बार युवराज को किसी व्यक्ति ने जानकारी दी कि सोनाखान क्षेत्र में एक नरभक्षी शेर कुछ दिनों से आतंक मचा रहा है जिसके चलते प्रजा भयभीत है। प्रजा की सेवा करने में तत्पर नारायण सिंह ने तत्काल तलवार हाथ में लिए नरभक्षी शेर की ओर दौड़ पड़े और कुछ ही पल में शेर को ढेर कर दिये| इस प्रकार से वीर नारायण सिंह ने शेर का काम तमाम कर भयभीत प्रजा को नि:शंक बनाया। प्रजा हितैषी का एक अन्य उदाहरण सन् 1856 में पड़ा अकाल है जिसमें नारायण सिंह ने हजारों किसानों को साथ लेकर कसडोल के जमाखोरों के गोदामों पर धावा बोलकर सारे अनाज लूट लिए व दाने-दाने को तरस रहे अपने प्रजा में बांट दिए। इस घटना की शिकायत अंग्रेजो से की गई। उसके बाद छलपूर्वक उन्हें बंदी बना लिया। 10 दिसम्बर 1857 को रायपुर के चौराहे वर्तमान में जयस्तंभ चौक पर बांधकर वीरनारायण सिंह को फांसी दी गई। बाद में उनके शव को तोप से उड़ा दिया गया और इस तरह से भारत के एक सच्चे देशभक्त की जीवनलीला समाप्त हो गई।
