भारत माता के बेटे हम चलते सीना तान के...देशभक्ति कविता

ग्राम-बड़ेबिटिया, पंचायत-धरमपुर, ब्लॉक-कोयलीबेडा, जिला-उतर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से एक छात्र चंदू उसेंडी एक देशभक्ति कविता सुना रहे हैं:
भारत माता के बेटे हम चलते सीना तान के-
धर्म अलग हो, जाति अलग हो और अलग हो भाषाएँ-
पर्वत सागर तन-वन मरुस्थल, मैदानों से हम आए-
फौजी के वर्दी में हम सबसे पहले उनके कर्ज चुकाए-
हिंदुस्तान की जिस मिट्टी पर हम खेले खाए हैं-
जिनके कर्ज को हम चुकाना चाहते हैं-
जिसके राजकन को हम समता से अपनाये हैं-
कर्ज चुकाना है उस राजकन के अहसान के-
भारतमाता के बेटे हम चलते सीना तान के...

Posted on: Aug 29, 2018. Tags: CG HINDI KANKER POEM SAPNA WATTI SONG VICTIMS REGISTER

मकड़ी रानी, मकड़ी रानी मेरे घर तुम ना आना... बाल गीत

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल एक बाल गीत सुना रहे है:
मकड़ी रानी, मकड़ी रानी मेरे घर तुम ना आना-
मेरे घर आँगन में आकर जाला ना बनाना-
बड़ी महंगी पड़ती है तेरा आना जाना-
रोज रोज पड़ता है तेरा जाला गिराना-
बहुत डर लगता है तुम से मेरे घर में तुम्हारा रहना-
बच्चे भी डर जाते है पड़ता है उनको रोना-
जहर तुम फैलाती हो काम तुम्हारा घाव बनाना-
डॉक्टर के घर जाना पड़ता है, पैसा पड़ता है लुटाना-
मकड़ी रानी,मकड़ी रानी मेरे घर तुम ना आना !!

Posted on: Aug 29, 2018. Tags: CHHATTISGARH HINDI KANAHIYA LAL POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

उत्तर दक्षिण पूरब पक्षिम, प्रमुख दिशाएं हैं चार, पर दसो दिशाओं में मचा हुआ है हाहाकार...कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
उत्तर दक्षिण पूरब पक्षिम, प्रमुख दिशाएं हैं चार-
पर दसो दिशाओं में मचा हुआ है हाहाकार-
सुकून ढूंढने को निकला, सुकून तो दुनिया से है काफूर-
थका मांदा आशियाना आया तो देखा कलह का बजता नुपूर-
कानो को दबाकर वहां से निकला तो बाहर मारपीट अफरा तफरी-
उत्तर में गया नक्सलियों का दबदबा-
दक्षिण में गया तो आतंकवादियों का बोल बाला...

Posted on: Aug 28, 2018. Tags: CHHATTISGARH KANHIYALAL PADIYAI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

पैसा पास होता तो चार चने लाते, चार में से एक चना तोते को खिलाते...बाल कविता

ग्राम-पेनकोड़ो, तहसील-कोइलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से रितिका गावड़े, रेशमा एक्का और मनीषा कडेयाम एक कविता सुना रहे हैं :
पैसा पास होता तो चार चने लाते-
चार में से एक चना तोते को खिलाते-
तोते को खिलाते तो टाँव-टाँव गाता-
टाँव-टाँव गाता तो बड़ा मजा आता-
चार में से एक चना घोड़े को खिलाते-
घोड़े को खिलाते तो पीठ पर बिठाता...

Posted on: Aug 28, 2018. Tags: CHHATTISGARH KANKER POEM RITIKA GAWDE SAPANA WATTI SONG VICTIMS REGISTER

गोठ सुने बर परथे...छत्तीसगढ़ी कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडिहारी एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे हैं:
गोठ सुने बर परथे-
नइच करन नौकरी संगी-
हमन नइच करन नौकरी संगी-
नौकरी जैसी नीच कौनो नहीं है-
हमन नइच करन नौकरी संगी-
खेती करबो पाती करबो-
करबो छोट-मोट व्यापार-
पथरा फोडबो, माटी कोड्बो-
आनी बानी के है औ बुता काम-
नौकरी करके हमन नइच बनन काकोरो कुकुर...

Posted on: Aug 28, 2018. Tags: CG CHHATTISGARHI KANAHIYA LAL PADIHARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

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