संभल-संभल के सीरी, झरथे धरती ऊपर...कविता-
ग्राम-बटई, पोस्ट-रेवटी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल एक कविता सुना रहे हैं :
संभल-संभल के सीरी, झरथे धरती ऊपर-
टपकात गिरे पसीना, माथा छूथे छापर-
ध्यान चलत है चारो कोती, छिप गे काम-
छवांगे खेती-
छुगत ले आंखी मा आगे-
पाँव परत है, एती पेती...
Posted on: Mar 19, 2019. Tags: CG DURGESH PATEL POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
आज हिमालय की चोटी से फिर हमने ललकारा है...देश भक्ति कविता-
ग्राम-बटई, पोस्ट-रेवटी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल एक देश भक्ति कविता सुना रहे हैं :
आज हिमालय की चोटी से फिर हमने ललकारा है-
दूर हटो ऐ दुनिया वालो, हिंदुस्तान हमारा है-
जहां हमारा ताज महल है और कुतुब मीनार है-
जहां हमारे मंदिर मस्जिद सिक्खों का गुरुद्वार है-
इसा धरती पर कदम बढ़ाना अत्याचार तुम्हारा है-
दूर हटो ऐ दुनिया वालो, हिंदुस्तान हमारा है...
Posted on: Mar 18, 2019. Tags: CG DURGESH PATEL POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
पैसा पास होता तो चार चने लाते, चार में से एक चना तोते को खिलाते...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी बच्चो से एक कविता सुन रहे हैं:
पैसा पास होता तो चार चने लाते-
चार में से एक चना तोते को खिलाते-
तोते को खिलाते तो वो टाँय-टाँय करता-
टाँय-टाँय करता तो बड़ा मजा आता-
पैसा पास होता तो चार चने लाते
चार में से एक चना घोड़े को खिलाते...
Posted on: Mar 17, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
मौसी मौसी लेट इस योर लिटिल बी हाऊसी...कविता-
ग्राम-तिरकुंडा, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से मंगेश कुमार यादव एक कविता सुना रहे हैं :
मौसी मौसी लेट इस योर लिटिल बी हाऊसी-
गेट इट द डोर, अंडर द फ्लोर-
सैड मौसी मौसी-
में आई कम इन टू योर हाऊसी-
मौसी मौसी लेट इस योर लिटिल बी हाऊसी...
Posted on: Mar 16, 2019. Tags: BALRAMPUR CG MANGESH KUMAR YADAV POEM SONG VICTIMS REGISTER
हांथी आया झूम के धरती माँ को चूम के...बाल कविता-
जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से लालू एक बाल कविता सुना रहे हैं:
हांथी आया झूम के धरती माँ को चूम के-
टांगे उसकी मोटी है, आंखे उसकी छोटी है-
लम्बे पत्ती खाती है, लम्बे सूड हिलाती है-
सूपा जैसे उसके कान, देखो देखो उसकी शान...
