कर चले हम फ़िदा जानो तन साथियों...देश भक्ति गीत
ग्राम-गढ़वई,जिला रीवा (मध्यप्रदेश ) से कंचन प्रजापति एक देश भक्ति गीत सुना रही हैं:
कर चले हम फ़िदा जानो तन साथियों-
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों-
साँस थमती गई नब्ज जमती गई-
फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया-
कट गये सर हमारे तो कुछ गम नही-
सर हिमालय का हमने न झुकने दिया-
मरते-मरते रहा बाग पन साथियों-
कर चले हम फ़िदा जानो तन साथियों...
Posted on: Mar 01, 2020. Tags: KANCHAN PRAJAPATI MP REWA SONG VICTIMS REGISTER
Impact : शौचालय आबंटित हुआ था, उसका पैसा मिल गया-
ग्राम पंचायत-सपहा, ब्लाक-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सुब्बालाल बता रहे है की शौचालय आबंटित हुआ था, उसका पैसा नही मिल रहा था, इसके लिए उन्होंने कितने बार शिकायत किये, लेकिन कोई ध्यान नही दे रहे थे, तब उन्होंने अपनी समस्या को सीजीनेट में रिकॉर्ड किया जिसके बाद उनकी समस्या हल हो गयी है इसलिये वे मदद करने वाले सभी श्रोताओं और संबंधित अधिकारियों को धन्यवाद दे रहे हैं: सम्पर्क@7610661711
Posted on: Feb 17, 2020. Tags: CG IMPACT SONG SUBBALAL SURAJAPUR VICTIMS REGISTER
Impact : 2 माह बाद खाते में पैसा आ गया...
ग्राम-पलढा, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कलावती बता रही हैं, उन्होंने रोजगार गारंटी योजना के तहत तालाब निर्माण में काम किया था, जिसका पैसा नहीं मिला है आवेदन करने पर कोई सुनवाई नहीं हो रही थी, फिर उन्होंने अपनी समस्या को सीजीनेट स्वर में रिकॉर्ड किया उसके बाद सीजीनेट सुनने वाले साथियों की मदद से उनका समस्या का निराकरण हो गया, 2 माह बाद खाते में पैसा आ गया इसलिये वे सीजीनेट के सभी साथियों और संबंधित अधिकारियों को धन्यवाद दे रहे हैं: संपर्क नंबर@6267985300.
Posted on: Feb 05, 2020. Tags: CG IMPACT KALAWATI SONG SURAJAPUR VICTIMS REGISTER
भईया हो भईया मजदूर भईया...गीत-
तहसील-सावा, जिला-वाडा (राजस्थान) से गोविंद खेरला एक गीत सुना रहे हैं :
भईया हो भईया मजदूर भईया-
मिलके बदलदे हिंदुस्तान-
हमार बच्चे भूखी ले सोते हो राम-
बहना हो बहना मजदूर बहना-
गेंहू हम काटी लें धान हम भूखी लें-
गेंहू से भरे गोदाम-
ईंट हम थापी लें खपरा बनाई लें...
Posted on: Dec 29, 2019. Tags: GOVIND KHERLA RAJASTHAN SONG VICTIMS REGISTER WADA
ऐसा संसार में जैसा सेमल फूल...दोहा-
ग्राम-गहरुवई, थाना-पनवार, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से राम प्रकाश प्रजापत एक दोहा सुना रहे हैं :
ऐसा संसार में जैसा सेमल फूल-
तीन सत के व्योहार को-
जोके रंग न भूल कवीरा-
करता था तो क्यों किया-
अब क्यों तू पछताय-
बोया पेड़ बबूल का आम कहां से खाय...
