जाते नहीं हैं काम पर, कोरोना के नाम पर...कोरोना पर कविता-

राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व कोरोना पर एक कविता सुना रहे हैं:
जाते नहीं हैं काम पर, कोरोना के नाम पर-
कोरोना, कोरोना-
बस यहाँ वहां कोहराम है-
पशु पक्षी तो आजाद विचरण कर रहे हैं-
किन्तु मनुष्य गुलाम है-
कोरोना के नाम पर आज कैसी सजा दे है-
आज हर कोई अपने घर में कैदी है...

Posted on: Apr 15, 2020. Tags: CG CORONA POEM RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV

बैसाखी के बाद आज अम्बेडकर जयंती...

राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र बता रहे हैं कल 13 अप्रैल को हमने वैसाखी का त्यौहार मनाया था जो गेहूं के फसल के कटने की खुशी में सिक्ख धर्म के लोग मनाते हैं और आज 14 अप्रैल है आज के दिन भीमराव अम्बेडकर जयंती मनाई जाती है, अम्बेडकर संविधान निर्माता रहे, उन्होंने सभी को समानता का अधिकार दिलाया, जिससे आज सभी एक साथ रह सकते हैं, पढ़ लिख सकते हैं, इस आज के दिन उन्हें याद किया जाना चाहिये|

Posted on: Apr 14, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG STORY VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV

अमेरिका ब्राजील इज़राइल चाहे हो इंग्लैण्ड...कोरोना पर कविता-

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व कोरोना पर एक कविता सुना रहे हैं:
अमेरिका ब्राजील इज़राइल चाहे हो इंग्लैण्ड-
कोरोना के खातिर सबकी हालत रही है बैंड-
कल तक भारत विश्व गुरु था आज भी हालत वही है-
विदेशो को दवा भेजने की जिम्मेदारी भारत की रही है-
विदेशो की दवाओं की खेपें अविरल रहा है सेंड-
अमेरिका ब्राजील इज़राइल चाहे हो इंग्लैण्ड-
कोरोना के खातिर सबकी हालत रही है बैंड...

Posted on: Apr 12, 2020. Tags: CG CORONA POEM RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV

11 अप्रैल को जन्मे गीतकार और अभिनेता की कहानी...

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र गंधर्व गायक कुंदन दास सैगल के बारे में बता रहे हैं, आज के दिन 11 अप्रैल 1904 को जालंधर में गायक कुंदन दास सैगल का जन्म हुआ था, वे अपने समय में गायक और अभिनेता रहे, उन्होंने कई फिल्मो में काम किया और गीत गाये| उनकी फिल्मो में माई सिस्टर, साह्जहाँ, देवदास जैसी फिल्मे शामिल हैं, उनके गाने आज भी सुने जाते हैं, सैजल नशे के अदि थे इस कारण वे अधिक समय तक दुनिया में नहीं रह पाये, और 42 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया|

Posted on: Apr 11, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG STORY VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV

न ये तोप के गोले रखते न बंदूक की गोलियां...कोरोना पर कविता-

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व एक कविता सुना रहे हैं:
न ये तोप के गोले रखते न बंदूक की गोलियां-
यत्र तत्र सर्वत्र बिखरते स्वास्थ्य कर्मियों की टोलियाँ-
स्वास्थ्य कर्मी यदि पुरुष है तो वो वीर है-
यदि महिला है तो वीरांगना-
रोगी को निरोगी करने के लिये नींद भी पड़ा है त्यागना-
सैनिक रहते मैदानों में ये रहते अस्पतालों में-
न ये तोप के गोले रखते न बंदूक की गोलियां...

Posted on: Apr 10, 2020. Tags: CG CORONA POEM RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV

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