गांव के निवासी पक्की सड़क के लिये बार-बार आवेदन करते हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती...मदद की अपील-
ग्राम-बटई, पोस्ट-रेवटी, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल बता रहे हैं कि उनके गांव में पानी और सड़क की समस्या है| पक्की सड़क न होने कारण बारिश के दिनों कीचड़ हो जाता है| जिससे लोगो को आने जाने में दिक्कत होती है| लोगों ने कई बार समस्या के निराकरण के लिये आवेदन किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है| इसलिए वे सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं कि दिये गये नंबरों पर बात कर समस्या को हल कराने में मदद करें: सरपंच@7089303090, कलेक्टर@94252700001. संपर्क नंबर@7509265773.
Posted on: Mar 12, 2019. Tags: CG DURGESH PATEL PROBLEM ROAD SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
माँ मुझे भी इतनी फौलाद बना दो...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
माँ मुझे भी इतनी फौलाद बना दो-
मै भी एक कुशल सैनिक बन जाऊं-
सरहदों में जाकर भारती माँ का काम आऊँ-
दुश्मन घुसपैठियों से डटकर लड़ पाऊँ-
न करूँ अत्याचार न अत्याचारियों को देखूं-
हंसते-हंसते अत्याचारियों पर गोली बरसाऊँ...
Posted on: Mar 12, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
राह लंबी हो गई या राही सक्षम नहीं, जाना था उस पार, पर यहीं का यहीं रह गये...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
राह लंबी हो गई या राही सक्षम नहीं-
जाना था उस पार, पर यहीं का यहीं रह गये-
छू लेना था असमान पर कद नाटे हो गये-
चीज यहां की चका चौंद उसी भवर में फस गये-
राह लंबी हो गई या राही सक्षम नहीं-
जाना था उस पार, पर यहीं का यहीं रह गये...
Posted on: Mar 12, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
अगहन कातिक परे पला, अऊ जेठ बैसाख करे कला...कविता-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं:
अगहन कातिक परे पला, अऊ जेठ बैसाख करे कला-
सांथी जंगल झाड़ होये उजाला-
अऊ गढ़ा, नदी सूखे नाला-
जंगल झाड़ होय ई उजराला-
पानी बिना पवन अऊ पवन बिना धान-
जल बिन मछली पवन बिन धान...
Posted on: Mar 12, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA POEM PRATAPPUR SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
पेड़ो की झुरमुटो से आती है पैगाम...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडीयारी एक कविता सुना रहे हैं :
पेड़ो की झुरमुटो से आती है पैगाम-
मै शांति की प्रतीक हूँ मुझसे ही तुम महान-
मुझसे तुम हो तुमसे मै नहीं-
मै तो प्रकृति की देन हूँ-
पवन मुझे सुलाती है, पवन मुझे उठाती है...
