मछली जल में तैर रही थी, पड़ा व्याध की आंख...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
मछली जल में तैर रही थी, पड़ा व्याध की आंख-
मछली यह जान न पाई, लगी है जल में फास-
तैरने में वह मगन थी, पानी भी न था-
उसे क्या फर्क पड़ता चाहे हो पानी अथाह-
पानी की वह परी है, पानी उसकी है घर...
Posted on: Apr 26, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
सबसे अच्छा देश हमारा, सबको मिला सामान अधिकार...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
सबसे अच्छा देश हमारा-
सबको मिला सामान अधिकार-
न जात, पात न धर्म भेद-
मिला सबको एक सा जीने का अधिकार-
पर नेताओ ने पर्थघाती कर दिये सब नार खार-
ऐसे नेताओं को देश नहीं चाहिये
Posted on: Apr 24, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
रुक जा पंक्षी मत इतरा, नहीं चलेगा कल से बस तेरा...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसग) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
रुक जा पंक्षी मत इतरा-
नहीं चलेगा कल से बस तेरा-
मद मस्त मौला बन पथ में जरा-
पग-पग फनकारों का पहरा-
ये दुनिया रहती खफा खफा-
तेरा यहां नहीं चलेगा कोई सफा...
Posted on: Apr 23, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
गावत रईथे गावत रईथे, भागवत गीता ला मै गावत रईथे जी...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
गावत रईथे गावत रईथे-
भागवत गीता ला मै गावत रईथे जी-
कोनो सुनईया रहतिन ता रामायण ला-
मै गावत रईथे जी-
कोनो घर मा आंट नईये-
नइये कोनो हांथ के बचईया...
Posted on: Apr 21, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
ये धरती हिंदुस्तान की, यह धरती है न मेरी है...कविता-
ग्राम-कुम्हारी, पंचायत-भैसागाँव, विकासखण्ड-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से दिव्यंका पांडे, पूजा पोटाई और माही जैन एक कविता सुना रहे हैं :
ये धरती हिंदुस्तान की, यह धरती है न मेरी है-
ये देश किसी के शान की-
खेत में इसके उगे सच्चाई, प्यार भरा खलिहानों में-
बाग मे खुशबू उड़े अमन की-
दिया जले तुफानो में...
