स्वास्थ्य स्वर : शरीर के दर्द का घरेलु उपचार...
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी शरीर के दर्द घरेलू उपचार बता रहे हैं| लहसुन की कली- 500 ग्राम, गाय का घी- 250 ग्राम, शहद 500 ग्राम| लहसुन को गाय की घी में भून कर सुरक्षित रख ले| उसको शहद में मिला करके, कांच की बर्तन में सुरक्षित रख ले| इसको 21 दिन तक धुप में रखने से असर ज्यादा होता है| एक एक चमच इसको खली पेट सेवन करने से शीघ्र लाभ होता है|
परहेज- ठंडी चीज़ो से बचे| मिर्च मसाला, तेल खटाई, गरिष्ठ भोजन का प्रयोग न करें| नशा न करें| मैदा, शक्कर, नमक का प्रयोग कम करें| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : एच डी गांधी@9111061399.
Posted on: May 22, 2019. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : हृदय को मजबुत करने का घरेलु उपचार...
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी हृदय को मजबुत करने का घरेलू उपचार बता रहे हैं| टमाटर का रश 100ग्राम, अर्जुन की छाल- 20 ग्राम, मिश्री- 2 चमच| तजा टमाटर के राश में अर्जुन का पाउडर और मिश्री मिला कर सरबत जैसा बना ले| एक गिलास रश को खाली पेट सुबह शाम सेवन करने से हृदय को लाभ होता है| परहेज-मिर्च मसाला, तेल खटाई, गरिष्ठ भोजन का प्रयोग न करें| नशा न करें| मैदा, शक्कर, नमक का प्रयोग कम करें| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : एच डी गांधी@9111061399.
Posted on: May 22, 2019. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
वर्षा बहार सबके मन को लुभा रही है...कविता
ग्राम- सिंहपुर तरहसील- पंडरिया जिला- कबीरधाम(छत्तीसगढ़) से ओमकार मरकाम एक कविता सुना रहे है|
वर्षा बहार सबके मन को लुभा रही है,
मघ में छटा अनूठी घनघोर छा रही है,
बिजली चमक रही है,
बादल गरज रहें है,
पानी बरश रहा है,
झरने भी बह रहें है,...
Posted on: May 21, 2019. Tags: CG KABIRDHAM OMKAR MARKAM POEM SONG VICTIMS REGISTER
हे नव भारत के करुण वीर झन भूलव अपन पुरुषार्थ...कविता
ग्राम-सिंगपुर,तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम, (छत्तीसगढ़) से ओमकार मारकाम एक कविता सुना रहा है:
भारत बन जाहि नन्द नवन-
उधर कवि कोदूराम दलित-
हे नव भारत के करुण वीर-
हे भीम भागरी के महावीर-
झन भूलव अपन पुरुषार्थ बर...
Posted on: May 21, 2019. Tags: CG KABIRDHAM MARKAM OMKAR PANDARIYA SONG VICTIMS REGISTER
नन्द के नंदा, आन्नद कंदा, बलमुकुन्दा है जगदम्बा,है जगदम्बा...एक व्यंग
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक व्यंग सुना रहे हैं:
नन्द के नंदा, आन्नद कंदा,
बलमुकुन्दा है जगदम्बा,है जगदम्बा,
जब जब बढ़ा शरती का भर,
तुमने लिया अवतार,
कड़ी काल का हुआ विस्तार,
तुम कब लोगे अवतार,
माता पिता को पुत दे रहा दुत्कार
