वनांचल स्वर: मंडप बनाने के लिए जंगल से जामुन और डूमर की शाखा का उपयोग करते हैं...
ग्राम-धनेली (कन्हार), तहसील-कोरर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र कुमार अपने ग्राम में हलबा और गोंड समाज के लोगों के द्वारा विवाह करने की विधि के बारे में बता रहे हैं। आदिवासी जंगलों में रहते हैं उन्हें प्रकृति का पुजारी भी माना जाता है। यह लोग विवाह के मंडप बनाने के लिए जंगल से जामुन और डूमर की शाखा का उपयोग करते हैं। वह बताते हैं कि मंडप में इस्तेमाल होने वाले पेड़ों के बदले में वह बच्चों के जन्म के बाद जंगल में दुगने महुआ के पौधे उग आते हैं। कुमार के अनुसार यह रिवाज पहली बार सन् 2000 में शुरू हुआ। सम्पर्क@883949291. (185569) GT
Posted on: Jan 01, 2021. Tags: CG KANKER VANANCHAL SWARA VIRENDRA KUMAR
वनांचल स्वर: माहवारी के दौरान महिलाओं को होने वाली समस्याओं का निवारण...
ग्राम- हिटारकसा, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से भादूराम पटेल बता रहे हैं कि वह माहवारी के दौरान महिलाओं को होने वाली समस्याओं का निवारण करते हैं। वह माहवारी के समय ज़्यादा खून रिसाव होने से रोकने के लिए कहुआ, कोरिया और जाम की छाल से दवा बना कर देते हैं। वह यह भी बताते हैं कि हाथ और पैर में सूजन के इलाज की लिए मूंगा, अंडी और सिंदूर का लेप लगाने से सूजन चला जाता है।
Posted on: Jan 01, 2021. Tags: BHADURAM PATEL CG KANKER VANANCHAL SWARA
स्वास्थ्य स्वर-कंठ विकार का घरेलू उपचार...
बैधराज राघवेन्द्र राय जिला टीकमगढ़ मध्यप्रदेश से गला यानि कन्ठविकार के लिये देशी उपचार बता रहें है,कि न्यागार भी कहते है जिसको तेंदुवर भी कहते है, उसके पतों का पाउडर बना लीजिये और आधा चमच चुंड को आधा गिलाश पानी में उबालें| उबालने के उपरांत ठण्डा हो जाने दे भोजन के बाद रात्री में सेवन करें |दो या तीन दिन करेंगे तो आप का कंठ विकार ठीक हो जायेगा|इसके आलवा बुखार है बदन दर्द है पिंडरियो में दर्द है तो उसमे भी लाभकारी शिद्ध होगा | संपर्क@9519520931
Posted on: Jul 09, 2020. Tags: MP RAGHVENDRA RAY SONG SWARA SWASTHYA TIKAMGARH VICTIMS REGISTER
स्वस्थ्य स्वर-भंगरा के रस का घरेलू उपचार बता रहे है...
बैध कदरनाथ पटेल ग्राम रनई थाना पटना जिला कोरिया छत्तीसगढ़ से वनों द्वारा भंगरा का औषधि प्रयोग के बारे में बता रहें है, प्रमेह पिंड इस रोग में भंगरा का एक भाग रस तुलसी का पत्ते छीन का पत्ते का पटोल पत्ते एक एक भाग का चुंड मिलाकर तथा कांजी में पीसकर लेप करने से घातक प्रमेह पिंड के रोग को नष्ट कर देता है, इसका उपयोग करें दूसरा नंबर सलिपद रोग यानि हांथी पांव रोग जो एक पैर मोटा हो जाता है इसके पंचाग के लूगी को तेल में मिलाकर अथवा इसके रस से सिलपद रोग को मालिश करने से अत्यंत लाभ हप्ता है ,इस बीमारी को पूरी तरह से नष्ट कर देता है तीसरी बीमारी का नाम अग्निदाक्त अग्नि से जले हुये स्थान पर भंगरे के पत्ते मेहदी और मरवा के पत्ते के साथ पीसकर लेप करने से सिग्र ही लाभ होता है नया मास भरने में उपयोगी है, जब भरण हुआ ठीक होने लगे तब भांगरे पत्ते के रस दो भाग काली तुलसी के पत्र रस एक भाग दिन में दो तीन बार लगाते रहने से जलन ठीक हो जाता है, ओर शरीर पर किसी किस्म दाग ही नहीं पड़ने पता है हाथ पैर और जलन वा शरीर के खुजली इसके स्वरास्क मालिश से लाभ होता है| संपर्क न.@9826040015
Posted on: Jul 09, 2020. Tags: CG JILA KEDERNATH KORIYA PATEL SONG SWSTHYA VICTIMS REGISTER SWARA
स्वस्थ्य स्वर -रक्तचाप बीमारी का घरेलु उपचार बता रहें है...
बैध केदारनाथ पटेल ग्राम रंनई थाना पटना जिला कोरिया छत्तीसगढ़ से वनों औषधि द्वारा भंगरा का उपयोग करने के लिए बता रहें है रक्तचाप में भंगरा के पतों का रस दो चम्मच सहद एक चम्मच दिन में दो बार सेवन कराने से ऊँचा रक्तचाप एक सप्ताह में सामान हो जाता है इसका उपयोग करें अदि पेट में कप्जी न हो तो सामान रह सकता है इसे पेट भी ठीक रहता है और भूंख भी बढता है रक्तचाप में बहुत ही लाभकारी दावा है ये भंगरा औषधि प्रायोग करें दूसरा रोग अग्निमदो पंडो रोग में भागंरा को कुछ दिन छाया मे सुखाकर तुंड बना ले उसमे बराबर के मत्रा में तिरपाल फल मिला ले और मिस्री मिला मिसरी को 20 ग्राम मात्रा पानी या सहाद के साथ मिलालें इसका दिन में तीन या चार बार खाने से पंडूरोग मिटता है जिसको भूंख न लगता हो वह इसका प्रायोग करें संपर्क न. @9826040015
