किसी कि याद आती हैं तो मै गुनगुनाता हूँ...गजल-
सेक्टर सी राजनगर, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से मारकंडे सिंह एक गजल सुना
रहें हैं:
किसी कि याद आती हैं-
तो मै कुछ गुनगुनाता हूँ-
ना जावें कही आंसू-
किसी से मुस्कुराता हूँ-
वो हैं जो जीत कर हारें-
मै हूँ जो हार कर जीता-
गवाया जिसको फलको ने...(180756) GT
Posted on: Nov 17, 2021. Tags: ANUPPUR HINDI MARKANDE SINGH MP SONG
कांच ही बांस के बहंगिया...छठ पूजा गीत-
प्रखंड-बर्हरा, जिला-पूर्णिया (बिहार) से भक्त प्रहलाद एक भजन गीत सुना रहें हैं:
कांच ही बांस के बहंगिया-
बहंगी लचकत जाय-
होई ना बलम जी कहरिया,
बहंगी घाटे पहुंचाय
कांच ही बांस के बहंगिया,
बहंगी छठ मैया के जायें...
Posted on: Nov 11, 2021. Tags: BHAKT PRHALAD HINDI SONG
जहाँ डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा...देशभक्ति-
ग्राम-सूरनार, ब्लाक-कटेकल्याण, जिला-दंदेवाडा (छत्तीसगढ़) से गोपीनाथ मंडावी एक देशभक्ति सुना रहें है:
जहाँ डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा-
वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा-
जहाँ सत्य अहिंसा और धरम का पग पग लगता डेरा-
वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा-
यह धरती वो जहाँ ऋषि मुनि जपते हरी नाम की माला...
Posted on: Nov 08, 2021. Tags: GOPINATH HINDI SONG MANDAVI
धरती सुनहरी अंबर नीला हो...देशभक्ति-
ग्राम -सुरनार ,जिला -दंतेवाडा (छत्तीसगढ़)से गोपीनाथ मंडावी गीत सुना रहे है |
धरती सुनहरी अंबर नीला हो-
धरती सुनहरी अंबर नीला-
हर मौसम रंगीला-
ऐसा देस है मेरा – हो ऐसा देस है मेरा ऐसा देस है मेरा-
हाँ. ऐसा देस है मेरा-
धरती सुनहरी अंबर नीला हो...
Posted on: Nov 08, 2021. Tags: HINDI SONG
मेरे अनुसार बस्तर में हो रही हिंसा को दोनों पक्षों से बात करके रोका जा सकता है...
उड़ीसा नुआपाड़ा ब्लाक खरियार बस्तर मांगे हिंसा से आजादी जनमत सर्वेक्षण पर अपनी विचार बता रहें हैं की जो आम जनता आदिवासीयों के साथ हो रहीं हिंसा इसे लड़ाई-झगड़ा से नही बल्कि इसे शांतिपूर्ण पूर्वक किसी एक विशेष स्थान पर बैठकर आपस में बातचीत कर इस हिंसा को कम करना चाहिए, क्योंकि यह आदिवासी जंगलो पर ही अधिक्तर निर्भर हैं और कहे तो इसके अलावा कोई दूसरा जगह कहा जा सकते हैं आइल लिए सरकार को ही आगे कदम उठाना चाहिए तभी आगे बढ़ सकते हैं ख़ास कर आदिवासीयों की विकास के लिए अधिक से अधिक योजना पारित करे और उन तक पहुचाएं जिसे किसी कोई एनी कदम उठाने किओ आवश्यकता न पड़े.
