कलशा पानी गर्म है चीटिया नहावे झोल...कविता-
ग्राम-देवरी, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर से सुधीर साय एक कविता सुना रहे हैं :
कलशा पानी गर्म है चीटिया नहावे झोल-
अंडा लेके चीटिया चढ़े तो जानो बरखा हो भरपूर-
खेती करे सांझ के घरे सोये, पाके खेती चोर काट के ले-
पाका भैंसा, गागर, बैल, नारी कुलक्ष्नी, बालक छय-
उनसे बाचो सब तुम लोग राज छोडके साधे जोग...
Posted on: Jun 01, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA POEM PRATAPPUR SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
तितली उड़ी, तितली उड़ी...बाल कविता-
ग्राम पंचायत-दरबागुडा, विकासखण्ड-कोंटा, जिला-दक्षिण बस्तर (छत्तीसगढ़) से एक छोटी सी लड़की सरिता एक कविता सुना रही हैं :
तितली उड़ी, तितली उड़ी-
बस में चढ़ी, बस में चढ़ी-
ड्राइवर बोला आजा मेरे पास-
तितली बोली हट बदमास...
Posted on: Jun 01, 2019. Tags: BASTAR BHOLA BAGHEL CG POEM SONG VICTIMS REGISTER
की जीना है रे रवा जाये, जैहो आ, झोला धर चल दशरहा रे...दशरहा गीत-
ग्राम-देवरी, पोस्ट, थाना-चंदोरा, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया दशहरा गीत सुना रहे हैं :
की जीना है रे रवा जाये, जैहो आ-
झोला धर चल दशरहा रे-
कि संगी रेंगे कर मेरवा जाये लईका आज-
की जीना है रे रवा जाये, जैहो आ-
झोला धर चल दशरहा रे-
कि संगी रेंगे कर मेरवा जाये लईका आज...
Posted on: Jun 01, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : गर्मी के दिनों में होने वाली घमोरियां के रोकथाम का घरेलू उपचार-
रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य दिलीप कुमार गुप्ता गर्मी के दिनों में होने वाली घमोरियां के रोकथाम का घरेलू उपचार बता रहे हैं| नीम की पत्ती 100 ग्राम और 5 नग नीबू कटे हुए लें | एक लीटर पानी में दोनों को अच्छी तरह से पका लेवें| जब पानी उबलकर आधा लीटर रह जाये, तब छानकर रख लें| अब 50 ग्राम फिटकरी का चूर्ण बना लें, और दवा में मिला लें| दवा को बोतल में भरकर फ्रिज या घड़े में डाल दें| जिससे दवा ताजा रहे| दवा को दिन में तीन बार घमोरियों पर लगाना है| इससे आराम मिल सकता है| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : दिलीप कुमार गुप्ता@8109855459.
Posted on: Jun 01, 2019. Tags: CG DILIP KUMAR GUPTA HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
जीना सिर्फ वतन के लिये...गीत-
ग्राम-नीलकंठपुर, पंचायत-गोरगी, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जगदेव प्रसाद पोया एक गीत सुना रहे हैं:
ये दिन ये महीने साल, गुजर जायेंगे मेरे यार-
मगर रखना तुम इतना ध्यान-
जीना सिर्फ वतन के लिये-
कसम से जीना सिर्फ वतन के लिये...
