करने को सवांद बहुत है, भरने को उन्माद बहुत है...गज़ल-
ग्राम-मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर(बिहार) से सुनील कुमार कवि महेश कटारे सुगम जी की एक गजल सुना रहे हैं :
करने को सवांद बहुत है, भरने को उन्माद बहुत है-
जीवन ये बोझिल करने को दुःख के पानी खाद बहुत हैं-
बिना जरूरत कुछ लोगो पर बड़े-बड़े परसाद बहुत है-
न्याय बना है मृग-मरीचिका करने को फरियाद बहुत है-
आम आदमी के जीवन में भरे हुए अवसाद बहुत है-
दुःख-दर्दों की भीड़-भाड में जीने का अलहाद बहुत है-
इन्कलाब जब तक ना आये अपने जिंदाबाद बहुत है-
करने को सवांद बहुत है, भरने को उन्माद बहुत है...
Posted on: Aug 21, 2019. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
सावन बरसे भादों गरजे बहे पुरवैया... बारामासा गीत
परावपोखर, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से रम्भा देवी से एक बारामासी गीत सुना रही हैं :
सावन बरसे भादों गरजे बहे पुरवैया-
सखी सब झूला झुलाला-
पिया बिन कछु न सुहाला-
द्वारा के संगे हम गईनी बजरिया-
झुमका-बेशहानी गिननी चुनरिया-
पहिने से जिया घबडाला-
गावं के पछि मा एक टूठी रे पिपरवा-
वई पर बईठ कववा सगुनिया-
सगुन के बोलिया सुनाला-
पिया मोर चिठिया पठाला-
रतिया के ट्रेन से पिया मोर अवथिन-
खोलथिन केवरिया जिया देरावथिन-
पिया मोरा आज मोरा सबकुछ सुहाला-
सावन बरसे भादों गरजे बहे पुरवैया...
Posted on: Aug 20, 2019. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
तीर सहेंगे हम बेचारे...कविता-
ग्राम-मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार श्याम अंकुर की रचना सुना रहे है :
तीर सहेंगे हम बेचारे-
बोलो कब तक बोलो कब तक-
कितनी सदियाँ बीत गयी पर-
जुल्म अभी भी जारी है-
घाव भरे हैं तब से अब तक-
आके के अब बेकारी है...
Posted on: Aug 18, 2019. Tags: BIHAR KUMAR MUZAFFARPUR POEM SONG SUNIL VICTIMS REGISTER
अफरादक अरपज जखन बना देची...जनवादी गीत-
मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार मिथला में एक जनवादी गीत सुना रहे हैं :
अफरादक अरपज जखन बना देची-
मोती में जिनगी हम अपन चारा नैची-
कठिन इहा छे कोनो घर से पज्जा दा-
अंगना में आंगन हम दीप जरा लैची-
मुसकिल ये हमारा लै महा जे परिंदा छै...
Posted on: Aug 13, 2019. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR SONG SONGS SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
आपन देशवा के लोगवा के जगावे के परी...जागरूकता गीत-
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक जागरूकता गीत सुना रहे हैं:
जगावे के परी ओ जगावे के परी-
आपन देशवा के लोगवा के जगावे के परी-
बगावे के परी ओ बगावे के परी-
आपन देशवा से शराब के बगावे के परी-
भईया हो मत उदास करा जिंदगी के आश-
आपन रोगवा के जांच करावे के परी...
