पहले सुमर ले तै राम, पहिलगे सुमरनी मा का गात...फागुन गीत-
आश्रित ग्राम-भूडपानी, पंचायत-गोरगी, तहसील, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से अमरसाय एक फागुन गीत सुना रहे हैं:
पहले सुमर ले तै राम, पहिलगे सुमरनी मा का गात-
पहिले सुमरो माता-पिता ला मै रे, दुसरे इंद्र भगवान तीसरे सुमेरो धरती माता-
ये भय धरती लेते अपभार, पहिल रे सुमरनी मा का गात-
हे गांव सुमेरो तो गंवाचा राजा रे, रे लरिका लागो तोर-
दसो रे अंजोर बिनती सुनते-
हे बेसिन भर देते तो सहार पहिर दो सुमरनी मा का गाते...
Posted on: Aug 07, 2018. Tags: AMARSAI SURAJPUR CG FAGUN SONG SONG VICTIMS REGISTER
सूरज सा चमकू मै,चंदा सा चमकू मै...बाल कविता
ग्राम-मोहली, पोस्ट-मोहली, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से नीलेंदर कुमार के साथ रोशनी एक कविता सुना रही है:
सूरज सा चमकू मै चंदा सा चमकू मै-
जगमग-जगमग हो उज्वल तारो सा दमकू मै-
मेरी अभीलाषा है,फूलो सा महकू मै-
विभो सा चह्कू गुन्जू सावनो पर कोयल सा कुह्कू मै-
मेरी अभिलाषा है नभ से निर्मल पानी-
सूरज सा चमकू मै चंदा सा चमकू मै...
Posted on: Aug 07, 2018. Tags: BALRAMPUR CG HINDI POEM NILENDARA KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
लिखी लिखी पतिया, पाठावे परदेशवा...विरह गीत-
ग्राम-कोट्या, विकासखंड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर, (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक विरह गीत सुना रहे है:
लिखी लिखी पातिया, लिखी लिखी पातिया-
लिखी लिखी पतिया, पाठावे परदेशवा-
अब घर आजा हो सजनवा-
महुहा कुचाई गईली आमा बौउराई गईली-
लिखी लिखी पतिया, पाठावे परदेशवा...
Posted on: Aug 05, 2018. Tags: CG MEWALAL DEVANGAN SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
चम-चम बिजली चमके, काले-काले बदल छाया...सावन कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी वर्षा ऋतु पर एक कविता सुना रहे हैं :
चम-चम बिजली चमके काले-काले बादल छाया-
उमड़-घुमड़कर बादल गरजा, सुहानी वर्षा ऋतु आया-
मोतियाँ टपके पानी बनकर, टप-टपाकर धरती माँ को नहलाया-
हरित हुआ नवपल्लव से, विविध जीव जंतु जनम पाया-
दूल्हन जैसी कर नवश्रंगार सबके मन को पुलक कर निभाया-
चले किसान हल बैला लेकर, धरती माँ को खूब उकसाया...
Posted on: Aug 04, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
दर-दर भटक के टूटली शरिरिया बनाई देत ना...शिव भजन-
ग्राम-पहाडकरवां, पोस्ट-भेड़िया, थाना-चंदौर, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से शिवधारी यादव एक भजन गीत सुना रहे है :
दर-दर भटक के टूटली शरिरिया बनाई देत ना-
कउन कारन अइसन दुख हमके होला-
माफ करा गलती के, लगजा सहईया बनाई देत ना-
कउन कारण हमके दुःख अईसे होला-
शिव गुरु जी गडल करनीया बनाई देत ना-
हम तो अनाड़ी भोला कोजओ न जानी...

