देश बटोरी नेता आया सबकी आँखों में सपना छाया...कविता-
मालीघाट, जिला-मुज्जफरपुर (बिहार) से सुनील कुमार पुन्य दर्शन शर्मा जी की रचित कविता सुना रहे हैं :
देश बटोरी नेता आया, सबकी आँखों में सपना छाया-
बोले उसने मीठे बोल, उसकी बातो में सब हो गये गोल-
बोला वह राज की बात, पूरे होंगे तेरे सारे कार्य-
घर होगा पके का, पुवा पकोड़ी बच्चे का-
सस्ता होगा सच्चे का, न की ब्रम्हाण, लोभी, लुच्चे का....
Posted on: Jul 25, 2019. Tags: BIHAR KUMAR MUZAFFARPUR POEM SONG SUNIL VICTIMS REGISTER
फिर भी मासूम जनता को क्यों करना पड़ रहा है संघर्ष...कविता-
मुंबई से के के गौतम जो मध्यप्रदेश के रीवा जिले के निवासी हैं| वे मौसम के बारे में बताते हुये| एक कविता सुना रहे हैं:
अंग्रेजो को गवन किये बीते कईएक वर्ष-
फिर भी मासूम जनता को क्यों करना पड़ रहा है संघर्ष-
सपना तो राम राज्य का था, पर राज छिपाये जाते हैं-
बेगुनाह बेखौफ यहाँ, मौताज सताये जाते हैं-
क्या यही राजनीती है, तुम ही करो निश्कर्ष-
फिर भी मासूम जनता को क्यों करना पड़ रहा है संघर्ष...
Posted on: Jul 25, 2019. Tags: KK GAUTAM MUMBAI POEM SONG VICTIMS REGISTER
मैं अमर शहीदों का चारण...कविता-
ग्राम-पोलमी, जनपद-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से चतुरराम साहू एक कविता सुना रहे हैं :
मैं अमर शहीदों का चारण, उनके गुण गाया करता हूँ-
जो कर्ज राष्ट्र ने खाया है, मैं उसे चुकाया करता हूँ-
यह सच है, याद शहीदों की हम लोगों ने दफनाई है-
यह सच है, उनकी लाशों पर चलकर आज़ादी आई है-
यह सच है, हिन्दुस्तान आज जिन्दा उनकी कुर्वानी से-
यह सच अपना मस्तक ऊँचा उनकी बलिदान कहानी से...
Posted on: Jul 25, 2019. Tags: CG CHATURRAM SAHU KABIRDHAM POEM SONG VICTIMS REGISTER
मानुष तन ला पाईस, लेकिन सब जंगल झाड़ ला उजाड़ दिहिस...कविता-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास पाया एक कविता सुना रहे हैं :
मानुष तन ला पाईस-
लेकिन सब जंगल झाड़ ला उजाड़ दिहिस-
बरखा पानी झुराय-
आज नगर फार लागत नईया-
साथी जंगल झाड़ ला बचाये-
बरखा पानी ला पाये-
अउ जंगल झाड़ ला काटे...
Posted on: Jul 23, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
मेरी अभिलाषा है...कविता-
ग्राम-सिंगपुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से श्वेता कुमारी एक कविता सुना रही है :
सूरज सा चमकू मै, चंदा सा चमकू मै-
जगमग उज्जवल तारो सा दमकू मै-
मेरी अभिलाषा है-
फूलो सा महकूँ मै, विहागो सा चहकू मै-
कुंचित सा वन उपवन-
कोयल सा कुह्कुं मै, मेरी अभिलाषा है...
