देखत देखत अंधवा होगे, सुनत होगे बहरा...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
देखत देखत अंधवा होगे-
सुनत होगे बहरा-
देखत देखत आगी लगा गईन-
हमर पैरा गोर्रा-
खेत खार मा चिमनी गडा गयी-
वहां ले निकरी करिया करिया कुहरा...

Posted on: Mar 16, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

होको तो बिदूर सैगो भोज देई...ओड़िया भजन-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक ओडिया भजन सुना रहे हैं:
होको तो बिदूर सैगो भोज देई-
तो साई पारी ला मोनो-
मुजेच दरबा जचिले कहीकी-
न छुवा जे भगवाना-
बपत बिजूर सबो भोज देई-
तो साई पारी ला मोनो...

Posted on: Mar 12, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

सूरज चाँद सितारे ये सब नील गगन के सितारे...कविता-

ग्राम-तमनार, रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
सूरज चाँद सितारे ये सब नील गगन के सितारे-
पेड़ पौधा फूल धरती को प्यारे-
पशु पक्षी जीव जन्तू सभी न्यारे-
नहीं किसी के मन में कोई हिंसा-
नहीं रखते किसी की हानि का मनसा-
विचरते स्वच्छंदता जो मिलता खा लेते मन में नहीं संसा...

Posted on: Mar 10, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

प्राकृतिक आपदा और सरकारी आपदा...

प्रकृति आपदा को तो हर किसी को सहना पड़ता है पर सरकारी आपदा को अक्सर गरीबो को झेलना पड़ रहा है, जो न चाहते हुये भी कष्टदायी है एसा नियम कानून बना है जो सब पर लागू होता है पर नेता, मंत्री, धनवान पहुच वाले सरकारी आपदा से वंचित रह जाते हैं, गरीब वर्ग गेहूं में घुन की तरह पिस जाते हैं पर प्रकृति आपदा से कोई नहीं बच पाता, प्रकृति आपदा गरीब और आमिर नहीं देखता, वह सभी पर एक समान बरसता है, सभी को एक सा कष्ट देता है जिसका बचने का कोई उपाय नहीं है इसका एक उपाय प्रकृति के साथ छेड़ छाड़ न करें |

Posted on: Mar 08, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

अहिसता अहिसता आ रहा फागुग...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
अहिसता अहिसता आ रहा फागुग-
पूर्णिमा का दिन-
आम चार तेंदू दूर रहा-
गरीब जनता रहा गुन-
कैसे मनाये होली का त्यौहार-
आम चार महुवा तेंदू बिन...

Posted on: Mar 08, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

« View Newer Reports

View Older Reports »