20 साल से सार्वजनिक रूप से मछली पालन करते हैं, गाँव के लोगों को जरुरत पड़ने पर बेचते हैं...
ग्राम-मुरावन्डी, तहसील-पखांजुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर से भगवत राम कुंजाम सीजीनेट स्वर जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा के राजू राणा को बता रहे हैं कि उनके गाँव में एक तालाब है, जहां वे लोग लगभग 20 साल से परम्परा के अनुसार सार्वजनिक रूप से मछली पालन करते हैं, इसके अलावा गाँव के सभी लोगों का नहाना, कपड़े साफ करना, पशुओं को पानी पिलाना आदि कार्य भी वहां होते हैं, वर्तमान में वे 12 किलोग्राम मछलियों का बीज तालाब में डाले हैं, ये अनुमान नही है कि उनसे कितना वृद्धि होगी ये लोग मछलियों को बाजार में बेचते नहीं है, गाँव के लोगों को जरुरत पड़ने पर निश्चित भाव लगाकर उन्हें ही दिया जाता है|पड़ोसी गाँव वाले मांगने पर उनको भी मछली देते हैं...
Posted on: Sep 19, 2018. Tags: CG FISHRIES KANKER PAKHANJUR RAJU RANA SONG VICTIMS REGISTER
जाति बातिर पेकोर येलो जाति बाति येलो पेकोरे...गोंडी गीत
ग्राम-माचपल्ली, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से हेमगाय गावड़े और राधा कचलाम एक गोंडी गीत सुना रहे हैं:
रे रे लोयो रेला रेला रे रे लोयो रेला रे रे ला-
जाति बातीर पेकोर येलो जाति बाति-
येलो पेकोरे-
अडका काया चिलोर चलोर-
रेला काया सोबाय काया रे रेला-
जाति बातिर पेकोर येलो जाति बाति-
येलो पेकोरे...
Posted on: Sep 19, 2018. Tags: CG GONDI HEMGAAY GAWDE KANKER PAKHANJUR RADHA KACHLAM SONG
सकालू मांझी हर बड़खा लकड़ी ला फ़ोरत रहिस...छत्तीसगढ़ी कहानी
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक छत्तीसगढ़ी कहानी सुना रहे है : सकालू मांझी हर बड़खा लकड़ी ला फ़ोरत रहिस, ओहर लकड़ी के माझरे-माझर मोट ला मारे लकरी कभूच नई फूटे ओहार टूटकाये-टूटकाये फोरेच भर धरिस तबोच ले नई फुटिस अउ डोकरी दाई हर होहिच करा धान ला बगराये रहिस ओला कुकरी मन खाए बर आये डोकरा दादा हर टगनी का धर के होहिच करा बेठे एहिस अउ सारे कुकरी सा सारे कुकरी सा तीर-तीर ला खा डोकरा दादा भगाए बर लगे है ओ लकरी ला फोरेच है तबो ले नई फूटे फिर डोकरा दादा कहे सा सारे कुकरी सा तीर-तीर ला खा...
Posted on: Sep 19, 2018. Tags: CG CHHATTISGARHI KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER
डाल में डाल-डाली चले पसिया में डोंगा...गीत
मेवालाल देवांगन ग्राम-कोटया, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से एक गीत सुना रहे हैं :
डाल में डाल-डाली चले पसिया में डोंगा-
ओला मै देखे रहें सती पारा गोंदा-
डाल में डाल-डाली चली पसिया में डोंगा-
ओला मै देखे रहें सती पारा गोंदा-
डाल रांधे, भात रांघे बरा ला चिहोरे-
हरी भजन नई जाने दांत ला निपोरे...
Posted on: Sep 19, 2018. Tags: CG MEWALAL DEWANGAN PRATAPPUR SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
आना मेरे गाँव तुम्हे मै दूंगी फूल कन्हेर के...कविता
ग्राम-फुरफुन्दी, विकासखण्ड-कोयलीबेडा, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से रेखा ताम्रकार, अनीता साहू, चांदनी साहू और तमन्ना साहू एक कविता सुना रहे हैं :
आना मेरे गाँव तुम्हे मै दूंगी फूल कन्हेर के-
कुछ कच्चे, कुछ पक्के घर हैं, एक पुराना तार है-
सड़क बनेगी सुनती हूँ, इसका नंबर इस साल है-
चढ़ते आना टीले ऊपर, कई पेड़ हैं बेर के-
बाबा ने था पेड़ लगाया, बापू ने फल खाए हैं...
