हरी डाल पर लगी हुई थी, नन्ही सुन्दर एक कली...कविता-

ग्राम पंचायत-पांडेआठ गाँव, ब्लाक-फरसगांव, जिला-कोंडागाव (छत्तीसगढ़) से मुकेश कुमार नेताम एक गीत सुना रहे हैं:
हरी डाल पर लगी हुई थी, नन्ही सुन्दर एक कली-
तितली उसे आकार बोली तुम लगती हो बड़ी- बड़ी-
अब जागो तुम आंखे खोलो और हमारे संग खेलो-
पहले सुन्दर महक तुम्हारी महके सारी गली-गली...

Posted on: Feb 06, 2020. Tags: CG CHANDRABHAN MARKO KONDAGAON POEM SONG VICTIMS REGISTER

पिंजरे के तोते से बोली, छत पर बैठी मैना...कविता-

ग्राम-चांदागाव, तहसील-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से राकेश एक कविता सुना रहे हैं:
पिंजरे के तोते से बोली, छत पर बैठी मैना-
बड़े मजे से तुम रहते हो, बोलों सच है ना-
बैठे-बैठे मिल जाता है, भाती भाती के व्यंजन-
कास मुझे भी मिल पाता ये पिंजरे का जीवन-
जल और भोजन की तलास डो चार पल्ले पड़ते तो-
उस पर हरदम चिड़िया का डर रहता – वन में तोता बोला अगर सुख है पिंजरे में...

Posted on: Feb 05, 2020. Tags: CG NAGMANI NARAYANPUR POEM SONG VICTIMS REGISTER

दूध पियो दारु के बदले, फिर होंगे नहीं जीवन में मसले...कविता-

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र गंधर्व एक कविता सुना रहे हैं:
दूध पियो दारु के बदले-
फिर होंगे नहीं जीवन में मसले-
गाजर-मटर निसदिन खाओ-
इष्ट-पुष्ट तुम बदन बनाओ-
नशा नाश का जड़ है, जो इस से अलग होकर जिये-
उसके लिये ईश्वर है-
अपने दिल को बनाओ सदा सुख का केंद्र-
सन्देश याद रखना गंधर्व वीरेंद्र...

Posted on: Feb 03, 2020. Tags: CG POEM RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV

छोटे-छोटे कदम हमारे आगे बढ़ाते जायेंगे...कविता-

ग्राम-चांदागाँव, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से आनंद पोटाई, कार्तिक पोटाई, सोमनाथ पोटाई एक कविता सुना रहे हैं :
छोटे-छोटे कदम हमारे आगे बढ़ाते जायेंगे-
पढ़ना कभी न छोड़ेंगे हर दिन पढ़ने जायेंगे-
छोटे-छोटे हाथ हमारे गड्ढे खूब बनायेंगे-
ईन गड्डो में अच्छे सुंदर पौधे खूब लगायेंगे-
कारागार को साफ रखेंगे गलिया साफ बनायेंगे-
कैसे हमें जीना चाहिये जीकर हम दिखलायेंगे...

Posted on: Feb 02, 2020. Tags: CG CHANDRABHAN MARKO NARAYANPUR POEM SONG VICTIMS REGISTER

गाँधी तुम मरे नहीं मारे गये हो...कविता-

रायपुर (छत्तीसगढ़) से परवेज एक कविता सुना रहे हैं:
गाँधी तुम मरे नहीं मारे गये हो-
मारे जा रहे हो रोज रोज उन कायरों की गोली से-
जो दफ़न करना चाहते है तुम्हारी विचारो की क्रांति को-
जो रौंद देना चाहते हैं उस बीज को जो तुमने बोया था-
निहत्थे और सहज-
तुमको नहीं थी जरुरत गोली और बारूद की-
तुम्हारे विचारो की आग आज भी धधक रही है...

Posted on: Jan 31, 2020. Tags: CG HD GANDHI POEM RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER

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