देशद्रोहियों आंखे खोलो... कोरोना पर कविता-

सिवनी, जिला- गौरेला, पेंड्रा, मरवाही (छत्तीसगढ़) से कामता प्रसाद शर्मा कोरोना पर एक कविता सुना रहे हैं :
देशद्रोहियों आंखे खोलो-
ऐसे संकट घड़ी में जहर भरी ना बाते बोलो-
देशद्रोहियों आंखे खोलो-
सम्हल जाओ एक हो जाओ-
भारत देश का नाम बढाओ-
देश हमारा जूझ रहा है-
संकट में यूं ना विष घोलो-
देशद्रोहियों आँखे खोलो-
राज़ धर्म जो नियम बताए-
उसको संयम से अपनाओ-
मन भेद भाव ना लाये-
मदद करो देश के हित में-
अपने धर्म से अब ना डोलो-
देशद्रोहियों आँखे खोलो-
लॉक डाउन का करिये पालन-
मानो बात कहे जो शासन-
पुलिस, मीडिया,नर्स,डॉक्टर-
प्रेम भाव से इन्हें अपनालो-
ये धर्मो की नही बीमारी-
विश्व मे जो फैली महामारी-
लोगो से नही इसे चिन्हारी-
जो भी मिलेगा उसे डसेगा-
इससे अपना हाथ भी धोलो-
देशद्रोहियों आंखे खोलो...

Posted on: Apr 11, 2020. Tags: CG CORONA GPM KAMATA PRASAD SHARMA POEM SONG VICTIMS REGISTER

सारी दुनिया आह कर रही कृपा करो जगदीश...कविता-

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व राम नवमी के अवसर पर एक कविता सुना रहे हैं:
रावण के तो दस शीश थे कोरोना के हजारो शीश – सारी दुनिया आह कर रही कृपा करो जगदीश-
सस्त्रो से है नहीं सम्भव इस असुर से संग्राम-
घर बैठे सब मिलकर बोलो जय हो जय श्री राम-
सारे जग में मचा रहा है यह असुर कोहराम-
ऐसी कोई औषधि बने जो इसके लिये हो विष-
सारी दुनिया आह कर रही कृपा करो जगदीश-
रावण के तो दस शीश थे कोरोना के हजारो शीश...

Posted on: Apr 02, 2020. Tags: CG CORONA POEM RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV

नहीं कोई किसी का मम्मी पापा...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
यहां लगा है आपा धापा-
नहीं कोई किसी का मम्मी पापा-
अपने आप हैं बड़े पापा-
किसी को कौन अलापा-
सभी चाहते अपना सम्मान-
सभी बनाना चाहते धन-
बनना चाहते धनवान...

Posted on: Mar 24, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

मोठा लुगरा मोटहा पट्टा...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
मोठा लुगरा मोटहा पट्टा-
दाई दादा बिंद के बिनय सिक्का-
कहां गईस ओ सुग्घर गहना-
बिंद के सुग्घर दिखे बहना-
दिखत है जंगल झाड़ बिरान-
खेती बाड़ी में नई आय जान...

Posted on: Mar 24, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM SONG VICTIMS REGISTER

तै हाँ जिंदगी के हर स्वाद चखे हस...कविता-

तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक कविता सुना रहे हैं:
तै हाँ जिंदगी के हर स्वाद चखे हस-
मीठा और कड़वा के स्वाद बने हस-
दीन दुखिया के आस बने हस-
अरे रसना तै तो कमाल करे हस-
एतक जबर जिंदगी के खास बने हस-
तै देह के कर्णधार बने हस-
तोर बर मिर्ची पताल बने हे, गुड और मीठा फरहार बने है...

Posted on: Mar 20, 2020. Tags: CG POEM RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER

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