जीत ले सारा जहाँ...अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कविता
कानपुर (उ.प्र.) से के एम भाई एक कविता सुना रहे है, जो अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के ऊपर आधारित हैं:
उठो सबेरा पूछ रहा हैं,उठो सबेरा पूछ रहा हैं-
कहाँ मंजिल हैं,तुम्हारी,फूल खिल रहे हैं-
आसमान साफ हैं,दुनिया को तेरा इन्तजार हैं-
उठो सबेरा पूछ रहा हैं...
एक लो उमंग की तू जला जरा-
उगते सूरज से तू नजर मिला जरा-
थाम मंजिल की डोर तू चल तू उड़-
जीत ले सारा जहाँ,तू उड़-
और जीत ले सारा जहाँ...
