जल उठी ज्योति अंतर्मन की...कविता-
जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से हरिवंस कुमार धीवर एक कविता सुना रहे हैं:
जल उठी ज्योति अंतर्मन की-
खुल गयी राह नव जीवन की-
तेरे स्वागत की नई तकनीक-
स्वागत करता सारा जहान-
हे लुई ब्रेल तुम हो महान-
था नहीं भरोसा कुछ जीवन का-
पथ प्रदर्शक तू बन उनका... (AR)
