रहिमन नीचन संग बसे लगत कलंग ना काही...दोहा-

राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से वीरेन्द्र गंधर्व रहीम दास का एक दोहा सुना रहे हैं:
रहिमन नीचन संग बसे लगत कलंग ना काही|
दूध कलारिंग हाथ लगे मद समझत है काही||
रहीम दास कह रहे हैं, बुरे के संगति में रहोगे तो चाहे बुरे काम करो या ना करो, कलंक अवश्य लगेगा| जिस प्रकार शराब बेचनी वाली महिला दूध भी बेच रही हो तो भी उस पर
लोग विश्वास नही करेंगे क्यों कि वह पहले से शराब बेच कर बदनाम हो चुकी है| (182836) GT

Posted on: Dec 16, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER